📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Matti Blume
बिज़नेस
हरियाणा ने एनसीआर जिलों में पेट्रोल पंपों को बिना वैध पीयूसी बंद करने का निर्देश
✍️ business-standard.com
🗓 04 अक्टू. 2026, 02:47 AM
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हरियाणा सरकार ने अपने एनसीआर जिलों में पेट्रोल पंपों को वैध पीयूसी न होने पर बंद करने का आदेश दिया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण कड़ी होगी।
नई दिल्ली — हरियाणा सरकार ने अपने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जिलों में स्थित सभी पेट्रोल पंपों को वैध प्रदूषण नियंत्रण (पीयूसी) प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है। पीयूसी न होने पर पंपों को पेट्रोल‑डिज़ल बेचने से प्रतिबंधित किया जाएगा, जब तक वे प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं कर लेते।
यह आदेश गुड़गांव, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे प्रमुख एनसीआर जिलों को लक्षित करता है, जहाँ ट्रैफ़िक से वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय प्रदूषण मानकों को पूरा करने की दिशा में एक कड़ी कार्रवाई है।
पेट्रोल पंप मालिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पीयूसी दस्तावेज़ संबंधित पर्यावरण विभाग को जमा करने का निर्देश दिया गया है। अनुपालन न करने वाले स्टेशनों पर जुर्माना और अस्थायी ईंधन आपूर्ति प्रतिबंध लग सकता है। सरकार ने नियमित निरीक्षणों की भी घोषणा की है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस कदम से संचालन पर असर की चिंता जताई, पर वायु प्रदूषण को कम करने की आवश्यकता को स्वीकार किया। यह निर्देश हरियाणा की केंद्रीय पर्यावरण नीतियों के साथ तालमेल बिठाने और एनसीआर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा को संतुलित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह आदेश गुड़गांव, फरीदाबाद और पंचकूला जैसे प्रमुख एनसीआर जिलों को लक्षित करता है, जहाँ ट्रैफ़िक से वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय प्रदूषण मानकों को पूरा करने की दिशा में एक कड़ी कार्रवाई है।
पेट्रोल पंप मालिकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने पीयूसी दस्तावेज़ संबंधित पर्यावरण विभाग को जमा करने का निर्देश दिया गया है। अनुपालन न करने वाले स्टेशनों पर जुर्माना और अस्थायी ईंधन आपूर्ति प्रतिबंध लग सकता है। सरकार ने नियमित निरीक्षणों की भी घोषणा की है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस कदम से संचालन पर असर की चिंता जताई, पर वायु प्रदूषण को कम करने की आवश्यकता को स्वीकार किया। यह निर्देश हरियाणा की केंद्रीय पर्यावरण नीतियों के साथ तालमेल बिठाने और एनसीआर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुविधा को संतुलित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।