📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
शिक्षा
हरियाणा सरकार ने CJI के स्कूल सुरक्षा अभियान के बाद 2,814 असुरक्षित इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया
✍️ Careers360
🗓 16 सित. 2026, 08:01 AM
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हरियाणा सरकार ने 2,814 असुरक्षित इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया, जो मुख्य न्यायाधीश के स्कूल सुरक्षा अभियान के बाद लिया गया है।
हरियाणा सरकार ने सोमवार को 2,814 असुरक्षित इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया। यह कदम मुख्य न्यायाधीश के "स्कूल ठीक करो" अभियान के बाद लिया गया है, जिसमें सुरक्षित स्कूल वातावरण की आवश्यकता पर बल दिया गया था।
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने पिछले वर्ष किए गए संरचनात्मक मूल्यांकन के आधार पर इन इमारतों को चिन्हित किया है। कई मामलों में स्कूलों का उपयोग वाणिज्यिक या आवासीय इमारतों के साथ किया जाता है, जिससे स्कूल के समय में ढहने का खतरा बढ़ जाता है।
ध्वस्त करने का कार्य स्थानीय नगर निकायों के सहयोग से किया जाएगा और विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए फंड आवंटित किया गया है। कार्य को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही समय‑समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा।
शिक्षा कार्यकर्ताओं ने इस कदम की सराहना की है, क्योंकि यह छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। वहीं कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों ने विस्थापित परिवारों के लिए पर्याप्त पुनर्वास उपायों की मांग की है।
हरियाणा सरकार ने आगे ऐसे ढांचे की पुनः निर्माण पर रोक लगाने और भविष्य में असुरक्षित इमारतों की निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त दिशा‑निर्देश जारी करने का वचन दिया है।
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने पिछले वर्ष किए गए संरचनात्मक मूल्यांकन के आधार पर इन इमारतों को चिन्हित किया है। कई मामलों में स्कूलों का उपयोग वाणिज्यिक या आवासीय इमारतों के साथ किया जाता है, जिससे स्कूल के समय में ढहने का खतरा बढ़ जाता है।
ध्वस्त करने का कार्य स्थानीय नगर निकायों के सहयोग से किया जाएगा और विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए फंड आवंटित किया गया है। कार्य को तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही समय‑समय पर निरीक्षण भी किया जाएगा।
शिक्षा कार्यकर्ताओं ने इस कदम की सराहना की है, क्योंकि यह छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। वहीं कुछ स्थानीय प्रतिनिधियों ने विस्थापित परिवारों के लिए पर्याप्त पुनर्वास उपायों की मांग की है।
हरियाणा सरकार ने आगे ऐसे ढांचे की पुनः निर्माण पर रोक लगाने और भविष्य में असुरक्षित इमारतों की निगरानी को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त दिशा‑निर्देश जारी करने का वचन दिया है।