📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Innocentdogar
खेल
हरियाणा की पुरुष हॉकी टीम ने राष्ट्रीय खिताब जीता, कोच ने वेतन घटाया, खिलाड़ियों ने फिजियो की वेतन व्यवस्था की
✍️ The New Indian Express
🗓 23 अक्टू. 2026, 04:47 AM
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हरियाणा की पुरुष हॉकी टीम ने राष्ट्रीय चैम्पियनशिप जीतते हुए, कोच ने अपना वेतन घटाया और खिलाड़ियों ने फिजियो की वेतन व्यवस्था के लिए धन जुटाया।
हरियाणा की पुरुष हॉकी टीम ने सीनियर नेशनल हॉकी चैंपियनशिप के फाइनल में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद जीत हासिल की और राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। यह जीत राज्य के हॉकी कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो हाल के वर्षों में नई प्रतिभा को पोषित कर रहा है।
टीम के मुख्य कोच ने टीम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए अपना वेतन स्वेच्छा से घटाने का कदम उठाया। उन्होंने बताया कि इस कदम से समर्थन स्टाफ, विशेषकर फिजियोथेरेपिस्ट, के लिए संसाधन अधिक प्रभावी रूप से वितरित किए जा सकते हैं। यह निर्णय खिलाड़ियों और अधिकारियों दोनों ने सराहा।
कोच के इस कदम के बाद, खिलाड़ियों ने मिलकर एक छोटी राशि इकट्ठी की ताकि फिजियोथेरेपिस्ट को पूरा माह का वेतन मिल सके। इस पहल ने टीम के भीतर आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को उजागर किया।
यह जीत और वित्तीय समायोजन दोनों को टीम की एकजुटता और दृढ़ता का प्रमाण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान के बाहर दिखाया गया यह सहयोगी रवैया अन्य राज्य टीमों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
आगे देखते हुए, हरियाणा हॉकी एसोसिएशन ने इस गति को बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर विकास कार्य, कोचिंग बुनियादी ढाँचे में सुधार और युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है, ताकि राज्य भारतीय हॉकी में अपनी शीर्ष स्थिति को कायम रख सके।
टीम के मुख्य कोच ने टीम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए अपना वेतन स्वेच्छा से घटाने का कदम उठाया। उन्होंने बताया कि इस कदम से समर्थन स्टाफ, विशेषकर फिजियोथेरेपिस्ट, के लिए संसाधन अधिक प्रभावी रूप से वितरित किए जा सकते हैं। यह निर्णय खिलाड़ियों और अधिकारियों दोनों ने सराहा।
कोच के इस कदम के बाद, खिलाड़ियों ने मिलकर एक छोटी राशि इकट्ठी की ताकि फिजियोथेरेपिस्ट को पूरा माह का वेतन मिल सके। इस पहल ने टीम के भीतर आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को उजागर किया।
यह जीत और वित्तीय समायोजन दोनों को टीम की एकजुटता और दृढ़ता का प्रमाण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मैदान के बाहर दिखाया गया यह सहयोगी रवैया अन्य राज्य टीमों के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
आगे देखते हुए, हरियाणा हॉकी एसोसिएशन ने इस गति को बनाए रखने के लिए जमीनी स्तर पर विकास कार्य, कोचिंग बुनियादी ढाँचे में सुधार और युवा प्रतिभा को प्रोत्साहित करने की योजना बनाई है, ताकि राज्य भारतीय हॉकी में अपनी शीर्ष स्थिति को कायम रख सके।