📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Consumer Affairs, Food and Public Dist
बिज़नेस
हरियाणा उपभोक्ता आयोग ने स्पष्ट किया: रिफंड से दायित्व समाप्त नहीं होता
✍️ Business Today
🗓 29 जुल. 2026, 06:04 AM
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हरियाणा उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि रिफंड देने से सेवा प्रदाता का दायित्व समाप्त नहीं होता।
हरियाणा उपभोक्ता आयोग ने आज एक शिकायत के जवाब में बयान जारी किया, जिसमें एक अस्वीकृत बुकिंग के लिए ग्राहक को रिफंड किया गया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिफंड देने से सेवा प्रदाता का मूल लेनदेन के लिए कानूनी दायित्व समाप्त नहीं होता।
आयोग के अनुसार, रिफंड केवल एक वित्तीय समाधान है और यह किसी भी अनुबंध या वैधानिक दायित्व से मुक्ति नहीं देता। व्यवसायों को अभी भी अपने सेवा शर्तों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना आवश्यक है।
यह निर्णय उपभोक्ताओं को रिफंड के बाद भी बिना किसी समाधान के छोड़ने से रोकने और सेवा प्रदाताओं को उचित मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से है। यह संकेत देता है कि रिफंड को गैर‑प्रदर्शन के लिए एक सामान्य बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
आयोग ने पक्षों को रिफंड पर निर्भर होने से पहले उसके विवाद‑निवारण तंत्र का उपयोग करने और भविष्य के दावों का समर्थन करने के लिए लेनदेन के विस्तृत रिकॉर्ड रखने की सलाह दी।
आयोग के अनुसार, रिफंड केवल एक वित्तीय समाधान है और यह किसी भी अनुबंध या वैधानिक दायित्व से मुक्ति नहीं देता। व्यवसायों को अभी भी अपने सेवा शर्तों के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना आवश्यक है।
यह निर्णय उपभोक्ताओं को रिफंड के बाद भी बिना किसी समाधान के छोड़ने से रोकने और सेवा प्रदाताओं को उचित मानकों का पालन करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से है। यह संकेत देता है कि रिफंड को गैर‑प्रदर्शन के लिए एक सामान्य बहाने के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
आयोग ने पक्षों को रिफंड पर निर्भर होने से पहले उसके विवाद‑निवारण तंत्र का उपयोग करने और भविष्य के दावों का समर्थन करने के लिए लेनदेन के विस्तृत रिकॉर्ड रखने की सलाह दी।