📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rasha72
मनोरंजन
हैरी ग्रोवर ने 'Mama' में अफ्रीकी धुनों को हिंदी‑पंजाबी शब्दों से जोड़ा
✍️ Mid-Day
🗓 24 अग. 2026, 08:53 AM
👁 2
गायक हैरी ग्रोवर ने बताया कि उनका नया गाना 'Mama' अफ्रीकी संगीत को हिंदी‑पंजाबी शब्दों के साथ मिलाकर एक अनोखा संगीत मिश्रण पेश करता है।
उभरते गायक हैरी ग्रोवर ने मिड‑डे को अपने नए सिंगल "Mama" के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस गाने में अफ्रीकी शैली की धुनों को हिंदी और पंजाबी शब्दों के साथ जानबूझकर मिलाया गया है, जिससे अफ्रीका और भारतीय संगीत परम्पराओं के बीच पुल बनता है।
ग्रोवर ने बताया कि अफ्रीकी प्रभाव समकालीन अफ्रीकी पॉप और डांसहॉल से आए हैं, जबकि हिंदी‑पंजाबी बोल भारतीय श्रोताओं को परिचित धुनों पर आधारित हैं। इन तत्वों को मिलाकर वह विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के श्रोताओं को आकर्षित करने और आधुनिक भारतीय पॉप संगीत की बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करने की आशा रखते हैं।
ग्रोवर के इस बयान के साथ ही भारतीय संगीत निर्माताओं में वैश्विक ध्वनियों की खोज तेज़ हो रही है। "Mama" इस महीने के अंत में प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होगा, और कलाकार को उम्मीद है कि यह अफ्रीकी बीट के प्रेमियों और हिंदी‑पंजाबी पॉप के प्रशंसकों दोनों को आकर्षित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के क्रॉस‑जेनर सहयोग भारतीय कलाकारों के अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपनी मूल भाषा और संस्कृति को बनाए रखते हुए वैश्विक दर्शकों तक पहुंच बनाते हैं।
ग्रोवर ने बताया कि अफ्रीकी प्रभाव समकालीन अफ्रीकी पॉप और डांसहॉल से आए हैं, जबकि हिंदी‑पंजाबी बोल भारतीय श्रोताओं को परिचित धुनों पर आधारित हैं। इन तत्वों को मिलाकर वह विभिन्न सांस्कृतिक पृष्ठभूमियों के श्रोताओं को आकर्षित करने और आधुनिक भारतीय पॉप संगीत की बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शित करने की आशा रखते हैं।
ग्रोवर के इस बयान के साथ ही भारतीय संगीत निर्माताओं में वैश्विक ध्वनियों की खोज तेज़ हो रही है। "Mama" इस महीने के अंत में प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध होगा, और कलाकार को उम्मीद है कि यह अफ्रीकी बीट के प्रेमियों और हिंदी‑पंजाबी पॉप के प्रशंसकों दोनों को आकर्षित करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के क्रॉस‑जेनर सहयोग भारतीय कलाकारों के अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो अपनी मूल भाषा और संस्कृति को बनाए रखते हुए वैश्विक दर्शकों तक पहुंच बनाते हैं।