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हनुमानगढ़ में 25 अक्टूबर को निकलेगा RSS का पथ संचलन, विजयादशमी पर होगा शस्त्र पूजन
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हनुमानगढ़ नगर की ओर से विजयादशमी के अवसर पर 25 अक्टूबर को शस्त्र पूजन और पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। पथ संचलन किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगा।
हनुमानगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, हनुमानगढ़ नगर की ओर से विजयादशमी उत्सव के अवसर पर रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। पथ संचलन किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान से प्रारंभ होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरेगा और पुनः इसी स्थान पर पहुंचकर संपन्न होगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पथ संचलन का शुभारंभ प्रातः 10:50 बजे होगा तथा यह सुबह 11:30 बजे संपन्न होगा। संचलन की कुल अवधि लगभग 40 मिनट निर्धारित की गई है।
पथ संचलन किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान से प्रारंभ होकर नगर परिषद, फूडग्रेन धर्मशाला, अरोड़वंश धर्मशाला, पीएनबी बैंक, ज्ञान दान स्कूल, जाकिर हुसैन पार्क, सुभाष चौक, इंदिरा चौक, न्यू हिसारिया मार्केट, पुरानी हिसारिया मार्केट, लाला जी चौक, आयुर्वेदिक औषधालय, यातायात थाना और बस स्टैंड से होकर गुजरेगा। इसके बाद बाबा सूखा सिंध जी एवं महताब सिंह जी गुरुद्वारा के सामने से होते हुए वापस किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान पहुंचेगा, जहां पथ संचलन का समापन होगा।
विजयादशमी उत्सव के अंतर्गत आयोजित शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन के माध्यम से संघ की परंपरा, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया जाएगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पथ संचलन का शुभारंभ प्रातः 10:50 बजे होगा तथा यह सुबह 11:30 बजे संपन्न होगा। संचलन की कुल अवधि लगभग 40 मिनट निर्धारित की गई है।
पथ संचलन किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान से प्रारंभ होकर नगर परिषद, फूडग्रेन धर्मशाला, अरोड़वंश धर्मशाला, पीएनबी बैंक, ज्ञान दान स्कूल, जाकिर हुसैन पार्क, सुभाष चौक, इंदिरा चौक, न्यू हिसारिया मार्केट, पुरानी हिसारिया मार्केट, लाला जी चौक, आयुर्वेदिक औषधालय, यातायात थाना और बस स्टैंड से होकर गुजरेगा। इसके बाद बाबा सूखा सिंध जी एवं महताब सिंह जी गुरुद्वारा के सामने से होते हुए वापस किले वाले हाई स्कूल के खेल मैदान पहुंचेगा, जहां पथ संचलन का समापन होगा।
विजयादशमी उत्सव के अंतर्गत आयोजित शस्त्र पूजन एवं पथ संचलन के माध्यम से संघ की परंपरा, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया जाएगा।