Crime
हजारीबाग: सीआईएसएफ ने 99 टन अवैध कोयला लदे दो ट्रक जब्त किए, कोयला माफियाओं में हड़कंप
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कोयला लदे दो ट्रकों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एनटीपीसी सीएमपी हजारीबाग इकाई ने गुप्त सूचना के आधार पर चरही चौक के पास देर रात दो भारी ट्रकों को पकड़ा, जिनमें अवैध कोयला लदा हुआ था। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए दोनों ट्रकों में बाम कोयला खनन परियोजना क्षेत्र से अवैध रूप से निकाला गया लगभग 99.260 मीट्रिक टन कोयला लदा हुआ था। वाहन चालकों से कोयले के संबंध में वैध कागजात मांगे जाने पर वे कोई संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सीआईएसएफ ने एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीआईएसएफ यूनिट ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध खनन, परिवहन और कोयले के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस सफल कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ जहाँ अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इतनी भारी मात्रा में अवैध कोयले का कारोबार खुलेआम कैसे फल-फूल रहा है। यह घटना पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब्त किए गए दोनों ट्रकों में बाम कोयला खनन परियोजना क्षेत्र से अवैध रूप से निकाला गया लगभग 99.260 मीट्रिक टन कोयला लदा हुआ था। वाहन चालकों से कोयले के संबंध में वैध कागजात मांगे जाने पर वे कोई संतोषजनक प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद सीआईएसएफ ने एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीआईएसएफ यूनिट ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध खनन, परिवहन और कोयले के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस सफल कार्रवाई ने स्थानीय पुलिस, वन विभाग और खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक तरफ जहाँ अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ इतनी भारी मात्रा में अवैध कोयले का कारोबार खुलेआम कैसे फल-फूल रहा है। यह घटना पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाती है।