स्थानीय
हजारीबाग में श्रम कानूनों पर सख्त निगरानी: डीसी हेमंत सती ने 10+ श्रमिक वाले प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई का आदेश दिया
यहाँ देखें:
📘 Facebook
जिला मुख्यालय में उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में श्रम एवं नियोजन विभाग की बैठक में 10 से अधिक श्रमिक वाले प्रतिष्ठानों की जांच और दिसंबर में मेगा रोजगार मेला आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
हजारीबाग जिला मुख्यालय में श्रम एवं नियोजन विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उपायुक्त हेमंत सती ने श्रमिकों के हितों की रक्षा और श्रम कानूनों के कड़ाई से अनुपालन को प्राथमिकता दी। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना भी था।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों के उन प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया जाए जहाँ 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इन प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों और न्यूनतम मजदूरी के प्रावधानों की जमीनी हकीकत की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। डीसी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके, इसके लिए डीसी ने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को श्रमिक कार्ड पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को इस प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया ताकि वे शासन की योजनाओं से वंचित न रहें।
आगामी दिसंबर माह में जिले में एक व्यापक स्तर पर रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में अधिक से अधिक प्रतिष्ठित नियोक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और पूर्व के नियोक्ताओं व नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की पारदर्शी सूची तैयार की जाएगी, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को हाथों-हाथ नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा सकें। बैठक के अंत में डीसी ने युवाओं को बेहतर आजीविका के अवसर दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने श्रम अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहरी क्षेत्रों के उन प्रतिष्ठानों को चिह्नित किया जाए जहाँ 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। इन प्रतिष्ठानों में श्रम कानूनों और न्यूनतम मजदूरी के प्रावधानों की जमीनी हकीकत की जांच के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया गया। डीसी ने चेतावनी दी कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्रमिकों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके, इसके लिए डीसी ने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को श्रमिक कार्ड पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को इस प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया ताकि वे शासन की योजनाओं से वंचित न रहें।
आगामी दिसंबर माह में जिले में एक व्यापक स्तर पर रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में अधिक से अधिक प्रतिष्ठित नियोक्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और पूर्व के नियोक्ताओं व नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों की पारदर्शी सूची तैयार की जाएगी, ताकि चयनित अभ्यर्थियों को हाथों-हाथ नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा सकें। बैठक के अंत में डीसी ने युवाओं को बेहतर आजीविका के अवसर दिलाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत दी।