📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Internet Archive Book Images
बिज़नेस
ग्वालियर के व्यापारियों ने एमडीआर विरोध में ‘नो‑यूपीआई डे’ मनाया
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 23 सित. 2026, 05:01 PM
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ग्वालियर के दाल बाजार सहित कई प्रमुख बाजारों में व्यापारियों ने एमडीआर के विरोध में डिजिटल भुगतान को नकारते हुए केवल नकद लेन‑देन को अपनाया।
ग्वालियर के व्यापारियों ने गुरुवार को ‘नो‑यूपीआई डे’ के रूप में एक दिन के लिए यूपीआई भुगतान को नकार दिया, जिससे एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लागू होने के विरोध को दर्शाया गया।
दाल बाजार और शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करने का निर्देश दिया, डिजिटल भुगतान टर्मिनल बंद कर दिए और क्यूआर‑कोड व मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं किया गया।
बाजार प्रबंधन ने बताया कि नकद लेन‑देन से लेन‑देन की गति में थोड़ी कमी आई, पर कुल व्यापार पर बड़ा असर नहीं पड़ा। व्यापारी इस सामूहिक कार्रवाई से भुगतान प्रोसेसर और नियामकों को एमडीआर नीति पर पुनर्विचार करने की उम्मीद कर रहे हैं।
यह कदम भारत के अन्य हिस्सों में छोटे व्यापारियों द्वारा किए जा रहे समान विरोधों के साथ मेल खाता है, जहाँ वे कहते हैं कि बढ़ा हुआ एमडीआर उनके कम मार्जिन को नुकसान पहुँचाता है।
अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और एमडीआर के कार्यान्वयन की तिथि नजदीक आते ही स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।
दाल बाजार और शहर के अन्य प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने ग्राहकों को केवल नकद भुगतान करने का निर्देश दिया, डिजिटल भुगतान टर्मिनल बंद कर दिए और क्यूआर‑कोड व मोबाइल ऐप का उपयोग नहीं किया गया।
बाजार प्रबंधन ने बताया कि नकद लेन‑देन से लेन‑देन की गति में थोड़ी कमी आई, पर कुल व्यापार पर बड़ा असर नहीं पड़ा। व्यापारी इस सामूहिक कार्रवाई से भुगतान प्रोसेसर और नियामकों को एमडीआर नीति पर पुनर्विचार करने की उम्मीद कर रहे हैं।
यह कदम भारत के अन्य हिस्सों में छोटे व्यापारियों द्वारा किए जा रहे समान विरोधों के साथ मेल खाता है, जहाँ वे कहते हैं कि बढ़ा हुआ एमडीआर उनके कम मार्जिन को नुकसान पहुँचाता है।
अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, और एमडीआर के कार्यान्वयन की तिथि नजदीक आते ही स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।