📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gyanendrasinghchauha…
नौकरी
ग्वालियर हाईकोर्ट ने कहा मृत कर्मचारी की नौकरी उत्तराधिकार में नहीं मिलेगी
✍️ Amar Ujala · Gwalior
🗓 08 अक्टू. 2026, 06:45 PM
👁 25
मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट ने कहा कि मृत सरकारी कर्मचारी की पदावधि उत्तराधिकार के आधार पर नहीं दी जा सकती, क्योंकि नियुक्ति सरकार की नीति और पात्रता पर निर्भर करती है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि मृत सरकारी कर्मचारी द्वारा खाली किए गए पद का अधिकार उनके परिजनों को उत्तराधिकार के रूप में नहीं मिल सकता। कोर्ट ने कहा कि नियुक्तियों का निर्धारण सरकार की नीतियों और प्रत्येक पद के लिए निर्धारित पात्रता मानदंडों पर निर्भर करता है।
निर्णय के अनुसार, वसीयत, उत्तराधिकार या पारिवारिक समझौते के आधार पर वही नौकरी प्राप्त करने का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह फैसला यह रेखांकित करता है कि भर्ती प्रक्रिया में योग्यता‑आधारित मानदंड और नियामक नियमों का पालन अनिवार्य है।
यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरी उत्तराधिकार से जुड़े भविष्य के विवादों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, जिससे रोजगार को वैधानिक अधिकार के रूप में स्थापित किया गया है, न कि पारिवारिक संपत्ति के रूप में।
निर्णय के अनुसार, वसीयत, उत्तराधिकार या पारिवारिक समझौते के आधार पर वही नौकरी प्राप्त करने का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह फैसला यह रेखांकित करता है कि भर्ती प्रक्रिया में योग्यता‑आधारित मानदंड और नियामक नियमों का पालन अनिवार्य है।
यह निर्णय सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरी उत्तराधिकार से जुड़े भविष्य के विवादों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा, जिससे रोजगार को वैधानिक अधिकार के रूप में स्थापित किया गया है, न कि पारिवारिक संपत्ति के रूप में।