📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shariquejamalworld
स्थानीय
गुरुग्राम में जलभराव से हुई जनता का विरोध, विपक्ष ने सरकार और सांसद पर लगाया आरोप
✍️ The Hindu
🗓 26 अग. 2026, 02:46 PM
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भारी बारिश से गुरुग्राम में जलभराव हुआ, जिससे जनता ने विरोध प्रदर्शन किया और विपक्ष ने राज्य सरकार व स्थानीय सांसद पर सवाल उठाए।
भारी बारिश के कारण गुरुग्राम के कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हुआ, जिससे ट्रैफ़िक बाधित हुआ और कई घरों में पानी जमा हो गया। शहर की जल निकासी प्रणाली पहले से ही तनाव में थी और अचानक आए जलप्रलय को संभालने में असमर्थ रही, जिससे त्वरित सुधार की मांग बढ़ी।
निवासियों ने प्रमुख चौराहों पर इकट्ठा होकर जलभराव से हुई असुविधा पर गुस्सा जताया और जल निकासी के बंद नालों को साफ़ करने तथा बाढ़ रोकथाम के लिए व्यापक बुनियादी ढाँचा तैयार करने की माँग की। उन्होंने दोहराए जाने वाले जलभराव से दैनिक जीवन और संपत्ति को होने वाले नुकसान को उजागर किया।
विपक्षी दलों ने इस अवसर का उपयोग राज्य सरकार और स्थानीय सांसद की क्षमता पर सवाल उठाने के लिए किया, उन्हें लापरवाह और अपर्याप्त योजना बनाने का आरोप लगाया। कई विपक्षी नेताओं ने मीडिया ब्रीफ़िंग में अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए जल निकासी परियोजनाओं को शीघ्रता से लागू करने की मांग की।
नगर निगम और हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन उपाय लागू किए जा रहे हैं, जिसमें पंपों की तैनाती और अस्थायी बाधाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने कई अरब रुपये के जल निकासी सुधार योजना को तेज़ी से लागू करने का वादा भी किया, परंतु निवासियों ने समयसीमा को लेकर संदेह जताया।
निवासियों ने प्रमुख चौराहों पर इकट्ठा होकर जलभराव से हुई असुविधा पर गुस्सा जताया और जल निकासी के बंद नालों को साफ़ करने तथा बाढ़ रोकथाम के लिए व्यापक बुनियादी ढाँचा तैयार करने की माँग की। उन्होंने दोहराए जाने वाले जलभराव से दैनिक जीवन और संपत्ति को होने वाले नुकसान को उजागर किया।
विपक्षी दलों ने इस अवसर का उपयोग राज्य सरकार और स्थानीय सांसद की क्षमता पर सवाल उठाने के लिए किया, उन्हें लापरवाह और अपर्याप्त योजना बनाने का आरोप लगाया। कई विपक्षी नेताओं ने मीडिया ब्रीफ़िंग में अधिकारियों को जवाबदेह ठहराते हुए जल निकासी परियोजनाओं को शीघ्रता से लागू करने की मांग की।
नगर निगम और हरियाणा सरकार के अधिकारियों ने बताया कि आपातकालीन उपाय लागू किए जा रहे हैं, जिसमें पंपों की तैनाती और अस्थायी बाधाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने कई अरब रुपये के जल निकासी सुधार योजना को तेज़ी से लागू करने का वादा भी किया, परंतु निवासियों ने समयसीमा को लेकर संदेह जताया।