📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash.dwivedi
शिक्षा
गुजरात विश्वविद्यालयों में राखी का समानता‑पूर्ण जश्न
✍️ The Times of India
🗓 29 अग. 2026, 04:37 AM
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गुजरात के विश्वविद्यालयों में छात्रों ने राखी के अवसर पर पारंपरिक लिंग भूमिकाओं को हटाकर समानता को प्रमुखता दी।
गुजरात के कई विश्वविद्यालयों में छात्रों ने राखी के दिन पारंपरिक रिवाज़ को लिंग‑निर्धारित नहीं रखकर मनाया। बहनों ने भाइयों को राखी बाँधी, जबकि कई पुरुष छात्रों ने भी सहपाठियों को राखी बाँधकर आपसी सुरक्षा और सम्मान का प्रतीक प्रस्तुत किया।
यह समावेशी कार्यक्रम सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने के इरादे से आयोजित किया गया, जहाँ छात्र समूहों ने बताया कि राखी का मूल संदेश देखभाल है, जो लिंग से परे है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह का उत्सव विश्वविद्यालयों में समानता को बढ़ावा देता है।
शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं, यह मानते हुए कि इस प्रकार की पहलें कैंपस में लिंग‑सेंसिटिव माहौल और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करती हैं।
यह समावेशी कार्यक्रम सामाजिक रूढ़ियों को तोड़ने के इरादे से आयोजित किया गया, जहाँ छात्र समूहों ने बताया कि राखी का मूल संदेश देखभाल है, जो लिंग से परे है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह का उत्सव विश्वविद्यालयों में समानता को बढ़ावा देता है।
शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं, यह मानते हुए कि इस प्रकार की पहलें कैंपस में लिंग‑सेंसिटिव माहौल और सामाजिक एकजुटता को सुदृढ़ करती हैं।