📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gujarat Gastro & Vascular Hospital
स्वास्थ्य
गुजरात के अस्पतालों में १८ नई मोतियाबिंद सर्जरी मशीनें
✍️ Tripuratimes
🗓 15 अक्टू. 2026, 03:01 PM
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गुजरात के अस्पतालों में १८ नई उन्नत मशीनें स्थापित की जाएँगी, जिससे मोतियाबिंद सर्जरी सुविधाओं में सुधार होगा।
Tripuratimes ने बताया कि गुजरात के सरकारी और निजी अस्पतालों में मोतियाबिंद सर्जरी के लिये कुल १८ नई मशीनें स्थापित की जाएँगी। यह उपकरण राज्य भर के कई अस्पतालों में लगाकर नेत्र‑सेवा बुनियादी ढाँचे को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन मशीनों से सर्जरी की क्षमता बढ़ेगी, रोगियों की प्रतीक्षा अवधि घटेगी और ऑपरेशन की सफलता दर में सुधार होगा। यह कदम गुजरात की व्यापक स्वास्थ्य नीति के तहत अंधेपन को कम करने की दिशा में उठाया गया है।
निर्माता के बारे में जानकारी नहीं दी गई, पर इन मशीनों को उच्च‑वॉल्यूम सर्जरी के लिये उपयुक्त और अत्याधुनिक बताया गया है। इनका कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, और नेत्र चिकित्सकों के लिये प्रशिक्षण पहले ही चल रहा है।
मोतियाबिंद भारत में दृष्टि हानि का प्रमुख कारण बना हुआ है, और आधुनिक सर्जिकल उपकरणों में राज्य का निवेश इस सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती को दूर करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इन मशीनों से सर्जरी की क्षमता बढ़ेगी, रोगियों की प्रतीक्षा अवधि घटेगी और ऑपरेशन की सफलता दर में सुधार होगा। यह कदम गुजरात की व्यापक स्वास्थ्य नीति के तहत अंधेपन को कम करने की दिशा में उठाया गया है।
निर्माता के बारे में जानकारी नहीं दी गई, पर इन मशीनों को उच्च‑वॉल्यूम सर्जरी के लिये उपयुक्त और अत्याधुनिक बताया गया है। इनका कार्यान्वयन अगले कुछ हफ्तों में शुरू होने की संभावना है, और नेत्र चिकित्सकों के लिये प्रशिक्षण पहले ही चल रहा है।
मोतियाबिंद भारत में दृष्टि हानि का प्रमुख कारण बना हुआ है, और आधुनिक सर्जिकल उपकरणों में राज्य का निवेश इस सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती को दूर करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।