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05 नव. 2026•
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गुजरात हाई कोर्ट ने मध्यस्थता में महिलाओं व तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने की मांग
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Maulik Kansara
बिज़नेस

गुजरात हाई कोर्ट ने मध्यस्थता में महिलाओं व तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने की मांग

✍️ Court Book 🗓 05 नव. 2026, 04:34 AM 👁 19
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गुजरात हाई कोर्ट ने मध्यस्थता में अधिक विविधता की आवश्यकता जताते हुए, महिलाओं और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी बढ़ाने की अपील की है।

गुजरात हाई कोर्ट ने हाल ही में जारी आदेश में वर्तमान मध्यस्थ पैनलों की सीमित संरचना को उजागर किया और अधिक विविध पेशेवरों को शामिल करने के लिए पूल का विस्तार करने की सिफारिश की। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लिंग संतुलन सुधरेगा और विवाद समाधान में विभिन्न दृष्टिकोण आएँगे।

न्यायालय ने तकनीकी विशेषज्ञों के महत्व पर भी बल दिया, यह बताते हुए कि कई वाणिज्यिक और बुनियादी ढाँचा से जुड़े विवादों में जटिल विषय‑वस्तु होती है, जिसके लिए विशेष ज्ञान आवश्यक है। संबंधित तकनीकी पृष्ठभूमि वाले मध्यस्थों को नियुक्त करके, न्यायालय का लक्ष्य मध्यस्थीय निर्णयों की गुणवत्ता और गति दोनों को बेहतर बनाना है।

वकीलों और मध्यस्थता संस्थानों से कहा गया है कि वे अपनी चयन मानदंडों को पुनः देखें और योग्य महिला वकीलों तथा क्षेत्र‑विशिष्ट विशेषज्ञों को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करें। यह दिशा‑निर्देश गुजरात में भविष्य के नियुक्तियों को प्रभावित करेगा और भारत के अन्य क्षेत्रों में भी मध्यस्थता प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक उदाहरण स्थापित कर सकता है।

हाई कोर्ट ने समयसीमा नहीं बताई, पर यह स्पष्ट किया कि बढ़ते मामलों के बैकलॉग को कम करने और भारत की मध्यस्थता प्रथा को आधुनिक बनाने के लिए इन सिफ़ारिशों को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए।
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