📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / NehalDaveND
बिज़नेस
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का न्यूयॉर्क में काइंड्रिल, ब्लैकरॉक, होल्टेक के CEOs से मिलन
✍️ The News Mill
🗓 21 अग. 2026, 11:40 PM
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गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल न्यूयॉर्क में काइंड्रिल, ब्लैकरॉक और होल्टेक के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर निवेश व प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल न्यूयॉर्क पहुंचकर काइंड्रिल, ब्लैकरॉक और होल्टेक के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं। इन बैठकों में गुजरात में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और प्रौद्योगिकी साझेदारी को सुदृढ़ करने के अवसरों पर चर्चा की गई।
काइंड्रिल के प्रतिनिधियों ने डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन और क्लाउड सेवाओं में सहयोग की संभावना बताई, जबकि ब्लैकरॉक ने बड़े पैमाने पर परियोजनाओं के लिए वित्तीय ढांचे पर प्रकाश डाला। होल्टेक ने नवीकरणीय एवं परमाणु ऊर्जा तकनीकों को गुजरात के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के साथ जोड़ने की संभावनाओं को रेखांकित किया।
यह मुलाकात गुजरात सरकार की बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने और यूएस के साथ आर्थिक संबंध गहरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अभी तक कोई ठोस समझौता घोषित नहीं हुआ है, परन्तु इन वार्ताओं से भविष्य में सहयोगी परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी।
पटेल ने गुजरात के व्यवसाय‑मैत्रीपूर्ण माहौल, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और प्रगतिशील नीतियों को निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण बताया।
दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल भारत लौटेगा और राज्य के अधिकारियों व उद्योग संगठनों के साथ फॉलो‑अप मीटिंग्स की योजना बना रहा है, जिससे चर्चा को ठोस परियोजनाओं में बदला जा सके।
काइंड्रिल के प्रतिनिधियों ने डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन और क्लाउड सेवाओं में सहयोग की संभावना बताई, जबकि ब्लैकरॉक ने बड़े पैमाने पर परियोजनाओं के लिए वित्तीय ढांचे पर प्रकाश डाला। होल्टेक ने नवीकरणीय एवं परमाणु ऊर्जा तकनीकों को गुजरात के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों के साथ जोड़ने की संभावनाओं को रेखांकित किया।
यह मुलाकात गुजरात सरकार की बहुराष्ट्रीय कंपनियों को आकर्षित करने और यूएस के साथ आर्थिक संबंध गहरा करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। अभी तक कोई ठोस समझौता घोषित नहीं हुआ है, परन्तु इन वार्ताओं से भविष्य में सहयोगी परियोजनाओं की नींव रखी जाएगी।
पटेल ने गुजरात के व्यवसाय‑मैत्रीपूर्ण माहौल, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल कार्यबल और प्रगतिशील नीतियों को निवेशकों के लिए मुख्य आकर्षण बताया।
दौरे के बाद प्रतिनिधिमंडल भारत लौटेगा और राज्य के अधिकारियों व उद्योग संगठनों के साथ फॉलो‑अप मीटिंग्स की योजना बना रहा है, जिससे चर्चा को ठोस परियोजनाओं में बदला जा सके।