📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Daieuxetdailleurs
खेल
जमीनी स्तर पर उछाल, भारतीय तीरंदाजी में राष्ट्रीय टीम ट्रायल्स कड़े
✍️ India Today
🗓 01 अक्टू. 2026, 03:38 PM
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भारतीय तीरंदाजी का आधारभूत स्तर बढ़ रहा है, जिससे राष्ट्रीय संघ ने टीम चयन ट्रायल्स को कड़ा किया है।
देश भर के स्कूलों, क्लबों और क्षेत्रीय अकादमियों में तीरंदाजी का आधारभूत स्तर स्पष्ट रूप से बढ़ रहा है। भारतीय तीरंदाजी संघ के हालिया सर्वेक्षणों के अनुसार, पंजीकृत शूटरों की संख्या में निरंतर वृद्धि देखी जा रही है, विशेषकर टियर‑2 और टियर‑3 शहरों में जहाँ नई सुविधाएँ और कोचिंग कार्यक्रम स्थापित किए गए हैं।
विस्तारित प्रतिभा पूल को देखते हुए, संघ ने घोषणा की है कि आगामी राष्ट्रीय टीम ट्रायल्स में चयन मानदंड कड़े किए जाएंगे और प्रतिस्पर्धियों की संख्या बढ़ेगी। अब खिलाड़ियों को वरिष्ठ टीम में जगह पाने के लिए इनडोर और आउटडोर दोनों फॉर्मेट में उच्च स्कोर सीमा को पार करना होगा।
अधिकारी बताते हैं कि कड़े ट्रायल्स का उद्देश्य एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले समग्र प्रदर्शन स्तर को ऊँचा उठाना है। यह प्रतिस्पर्धा युवा तीरंदाज़ों को खेल को गंभीरता से अपनाने और अतिरिक्त प्रायोजन आकर्षित करने के लिए प्रेरित करेगी।
जमीनी स्तर के कोच इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि यह उभरते शूटरों के लिए स्पष्ट मानक प्रदान करता है। राज्य खेल विभागों के सहयोग से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि संभावित प्रतिभाओं को नई मानदंडों को पूरा करने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके।
यह बदलाव भारत को तीरंदाजी में केवल भागीदार से लगातार पदक विजेता बनने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो ग्रामीण और छोटे शहरों से उभरते खिलाड़ियों के बढ़ते आधार का लाभ उठाने पर केंद्रित है।
विस्तारित प्रतिभा पूल को देखते हुए, संघ ने घोषणा की है कि आगामी राष्ट्रीय टीम ट्रायल्स में चयन मानदंड कड़े किए जाएंगे और प्रतिस्पर्धियों की संख्या बढ़ेगी। अब खिलाड़ियों को वरिष्ठ टीम में जगह पाने के लिए इनडोर और आउटडोर दोनों फॉर्मेट में उच्च स्कोर सीमा को पार करना होगा।
अधिकारी बताते हैं कि कड़े ट्रायल्स का उद्देश्य एशियन गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से पहले समग्र प्रदर्शन स्तर को ऊँचा उठाना है। यह प्रतिस्पर्धा युवा तीरंदाज़ों को खेल को गंभीरता से अपनाने और अतिरिक्त प्रायोजन आकर्षित करने के लिए प्रेरित करेगी।
जमीनी स्तर के कोच इस कदम का स्वागत कर रहे हैं, क्योंकि यह उभरते शूटरों के लिए स्पष्ट मानक प्रदान करता है। राज्य खेल विभागों के सहयोग से प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि संभावित प्रतिभाओं को नई मानदंडों को पूरा करने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन मिल सके।
यह बदलाव भारत को तीरंदाजी में केवल भागीदार से लगातार पदक विजेता बनने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो ग्रामीण और छोटे शहरों से उभरते खिलाड़ियों के बढ़ते आधार का लाभ उठाने पर केंद्रित है।