📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
सरकारी योजना
सरकारी कर्मचारियों को दिवाली बोनस ₹20,000 मिलेगा
✍️ News18 Marathi
🗓 06 नव. 2026, 10:32 AM
👁 17
सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों को एक बार के लिए दिवाली के अवसर पर ₹20,000 का भत्ता देने का निर्णय लिया है, जिससे त्योहारी खर्चों में राहत मिलेगी।
नई दिल्ली – त्योहारी सीजन में कर्मचारियों की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों को एक‑बार के लिए दिवाली बोनस के रूप में ₹20,000 प्रदान करने का निर्णय लिया है। आधिकारिक नोटिस में बताया गया है कि यह राशि दिवाली से पहले कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी।
यह भत्ता कर्मचारियों को उपहार, मिठाई और पूजा सामग्री जैसी बढ़ी हुई खर्चों को पूरा करने में मदद करेगा। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों की सभी मंत्रालयों व सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में समान रूप से यह भुगतान किया जाएगा।
भुगतान की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, पर सरकार ने कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे इस राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करें और सुरक्षित एवं आनंदमय तरीके से त्यौहार मनाएँ। यह पहल सार्वजनिक सेवकों के मनोबल को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
किसी अतिरिक्त शर्त या पात्रता मानदंड का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह भत्ता सभी नियमित सरकारी कर्मचारियों, जिसमें ठेकेदार और अस्थायी पदधारियों को भी शामिल किया गया है, को समान रूप से मिलेगा।
कर्मचारी संघों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, इसे एक समयोचित कदम मानते हुए, जो दिवाली के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में सहायक होगा।
यह भत्ता कर्मचारियों को उपहार, मिठाई और पूजा सामग्री जैसी बढ़ी हुई खर्चों को पूरा करने में मदद करेगा। केंद्र और राज्य दोनों स्तरों की सभी मंत्रालयों व सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में समान रूप से यह भुगतान किया जाएगा।
भुगतान की सटीक तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, पर सरकार ने कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वे इस राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करें और सुरक्षित एवं आनंदमय तरीके से त्यौहार मनाएँ। यह पहल सार्वजनिक सेवकों के मनोबल को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।
किसी अतिरिक्त शर्त या पात्रता मानदंड का उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह भत्ता सभी नियमित सरकारी कर्मचारियों, जिसमें ठेकेदार और अस्थायी पदधारियों को भी शामिल किया गया है, को समान रूप से मिलेगा।
कर्मचारी संघों ने इस निर्णय का स्वागत किया है, इसे एक समयोचित कदम मानते हुए, जो दिवाली के दौरान परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करने में सहायक होगा।