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18 सित. 2026
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2027 जनगणना में त्रिपुरा जनजाति‑भाषा डेटा अलग नहीं प्रकाशित, केंद्र ने फैसला किया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
राजनीति

2027 जनगणना में त्रिपुरा जनजाति‑भाषा डेटा अलग नहीं प्रकाशित, केंद्र ने फैसला किया

✍️ Northeast Today 🗓 18 सित. 2026, 03:37 AM 👁 10
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केंद्र ने बताया कि 2027 की जनगणना में त्रिपुरा जनजाति और उसकी मातृभाषा के अलग आँकड़े नहीं प्रकाशित किए जाएंगे।

नई दिल्ली – गृह मंत्रालय ने 2027 की जनगणना में त्रिपुरा जनजाति और उसकी मातृभाषा के अलग आँकड़े प्रकाशित नहीं करने का निर्णय लिया है। यह सूचना राज्य अधिकारियों को दी गई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जनगणना में जनजातीय और भाषाई जानकारी केवल समग्र रूप में प्रस्तुत की जाएगी, बिना त्रिपुरा समुदाय को अलग करने के।

पहले की जनगणनाओं में त्रिपुरा जनजाति और उसकी भाषा को अलग‑अलग सूचीबद्ध किया जाता था, जिससे शोधकर्ता और नीति‑निर्माता इस समुदाय के जनसंख्या प्रवृत्तियों को ट्रैक कर सकते थे। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम डेटा संग्रह को सरल बनाने और दोहराव से बचने के लिए उठाया गया है, परंतु इसके तकनीकी कारणों पर विस्तार से नहीं बताया गया।

जनजातीय अधिकार समूहों सहित कई हितधारकों ने चिंता जताई है कि विशिष्ट आँकड़ों की अनुपस्थिति से लक्षित विकास योजनाओं और सांस्कृतिक संरक्षण में बाधा आ सकती है। सरकार का कहना है कि कुल जनजातीय और भाषाई प्रोफ़ाइल पर्याप्त विस्तृत रहेगी, जिससे योजना‑निर्माण में कोई कमी नहीं आएगी।

2027 की जनगणना का कार्य पूर्णता 2028 की शुरुआत तक अपेक्षित है। यह जनगणना जाति, जनजाति, भाषा और अन्य सामाजिक‑आर्थिक संकेतकों की विस्तृत जानकारी एकत्र करेगी, परन्तु सार्वजनिक रूप से त्रिपुरा‑विशिष्ट विवरण नहीं दिया जाएगा।
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