📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
स्थानीय
गोवा के नए एलिवेटेड कॉरिडोर पर दो मौतों के बाद ट्रैफ़िक प्रतिबंध
✍️ Hindustan Times
🗓 15 सित. 2026, 02:17 AM
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गोवा के एलिवेटेड कॉरिडोर पर दो मौतों के बाद अधिकारियों ने उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।
गोवा सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में एक एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य तटीय राजमार्ग पर भीड़भाड़ कम करना और प्रमुख पर्यटन स्थलों को तेज़ी से जोड़ना था। यह आधुनिक फ़्लाईओवर कई किलोमीटर तक फैला हुआ है और जनता के बीच बड़ी उम्मीदों के साथ खोला गया।
उद्घाटन के 48 घंटे के भीतर दो अलग-अलग दुर्घटनाएँ हुईं। पहली घटना में एक मोटरसाइकिल चालक नियंत्रण खो बैठा और ऊँची लेन से गिरकर घातक चोटें लगीं। दूसरी दुर्घटना में एक पैदल यात्री ने अवैध रूप से कॉरिडोर पार करने की कोशिश की और एक वाहन से टकराकर मार गया।
घटनाओं के बाद, गोवा सार्वजनिक कार्य विभाग ने तुरंत एक निर्देश जारी किया जिसमें सामान्य ट्रैफ़िक को प्रतिबंधित कर केवल अधिकृत सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं को ही कॉरिडोर पर चलने की अनुमति दी गई। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने कारणों की जांच शुरू की है और यह देख रहे हैं कि डिजाइन या संचालन में कोई कमी तो नहीं थी।
अधिकारी बताते हैं कि सामान्य ट्रैफ़िक पुनः खोलने से पहले सुरक्षा संकेत, बाधाएँ और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
इन घटनाओं ने नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की तत्परता और ऊँची सड़कों पर ट्रैफ़िक नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर चर्चा को जन्म दिया है।
उद्घाटन के 48 घंटे के भीतर दो अलग-अलग दुर्घटनाएँ हुईं। पहली घटना में एक मोटरसाइकिल चालक नियंत्रण खो बैठा और ऊँची लेन से गिरकर घातक चोटें लगीं। दूसरी दुर्घटना में एक पैदल यात्री ने अवैध रूप से कॉरिडोर पार करने की कोशिश की और एक वाहन से टकराकर मार गया।
घटनाओं के बाद, गोवा सार्वजनिक कार्य विभाग ने तुरंत एक निर्देश जारी किया जिसमें सामान्य ट्रैफ़िक को प्रतिबंधित कर केवल अधिकृत सार्वजनिक परिवहन और आपातकालीन सेवाओं को ही कॉरिडोर पर चलने की अनुमति दी गई। पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने कारणों की जांच शुरू की है और यह देख रहे हैं कि डिजाइन या संचालन में कोई कमी तो नहीं थी।
अधिकारी बताते हैं कि सामान्य ट्रैफ़िक पुनः खोलने से पहले सुरक्षा संकेत, बाधाएँ और निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
इन घटनाओं ने नई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की तत्परता और ऊँची सड़कों पर ट्रैफ़िक नियमों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता पर चर्चा को जन्म दिया है।