📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Michael Gunther
राजनीति
गोवा में विधानसभा चुनाव से पहले ‘Enough is Enough’ अभियान, जमीन माफिया पर कड़ी कार्रवाई
✍️ The Economic Times
🗓 21 अग. 2026, 03:19 AM
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गोवा में सक्रिय समूहों ने विधानसभा चुनाव के माहौल में अवैध जमीन लेन‑देन को रोकने के लिए ‘Enough is Enough’ अभियान शुरू किया है।
गोवा में ‘Enough is Enough’ नामक एक व्यापक जनआंदोलन चल रहा है, जिसका उद्देश्य जमीन माफिया की गतिविधियों को उजागर कर रोकना है। स्थानीय नागरिक संगठनों ने इस पहल को शुरू किया है और कई विधायक भी इसका समर्थन कर रहे हैं; उन्होंने रैलियों, घर‑घर जागरूकता कार्यक्रम और सोशल‑मीडिया अभियानों के माध्यम से जनता को जोड़ा है।
यह अभियान राज्य विधानसभा चुनाव के निकट आने के साथ शुरू हुआ है, जिससे प्रशासन ने जमीन उपयोग नियमों को कड़ाई से लागू करने का वादा किया है। अधिकारियों ने लंबित जमीन आवंटन मामलों की जांच और अनियमितताओं की त्वरित जाँच के लिए एक विशेष समिति बनाने की योजना बताई है।
आंदोलन के आयोजक कहते हैं कि चुनाव से पहले सरकार को ठोस कदम उठाने के लिए दबाव बनाना आवश्यक है, क्योंकि अनियंत्रित जमीन लेन‑देन सार्वजनिक भरोसे को कमजोर करता है और सतत विकास में बाधा डालता है। पनजी और अन्य शहरों में इस आंदोलन ने बड़ी भीड़ को आकर्षित किया है, जबकि अधिकारियों ने कहा है कि कोई भी कानूनी कार्रवाई उचित प्रक्रिया के तहत ही होगी।
इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि ‘Enough is Enough’ पहल जनता की बढ़ती निराशा को दर्शाती है, जहाँ विकासकर्ताओं और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है। चुनावी माहौल के तीव्र होने के साथ, यह मुद्दा गोवा में मतदाता चर्चा का प्रमुख बिंदु बन सकता है।
यह अभियान राज्य विधानसभा चुनाव के निकट आने के साथ शुरू हुआ है, जिससे प्रशासन ने जमीन उपयोग नियमों को कड़ाई से लागू करने का वादा किया है। अधिकारियों ने लंबित जमीन आवंटन मामलों की जांच और अनियमितताओं की त्वरित जाँच के लिए एक विशेष समिति बनाने की योजना बताई है।
आंदोलन के आयोजक कहते हैं कि चुनाव से पहले सरकार को ठोस कदम उठाने के लिए दबाव बनाना आवश्यक है, क्योंकि अनियंत्रित जमीन लेन‑देन सार्वजनिक भरोसे को कमजोर करता है और सतत विकास में बाधा डालता है। पनजी और अन्य शहरों में इस आंदोलन ने बड़ी भीड़ को आकर्षित किया है, जबकि अधिकारियों ने कहा है कि कोई भी कानूनी कार्रवाई उचित प्रक्रिया के तहत ही होगी।
इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि ‘Enough is Enough’ पहल जनता की बढ़ती निराशा को दर्शाती है, जहाँ विकासकर्ताओं और अधिकारियों के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया जा रहा है। चुनावी माहौल के तीव्र होने के साथ, यह मुद्दा गोवा में मतदाता चर्चा का प्रमुख बिंदु बन सकता है।