📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Frederick Noronha fredericknoronha1@gmail.com fro
राजनीति
गोवा हाई कोर्ट ने SIR‑Form 6 में पंक्तिबद्ध मतदाताओं के लिए जाल‑जटिलता उजागर की
✍️ India Today
🗓 05 अक्टू. 2026, 10:16 PM
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गोवा हाई कोर्ट ने चुनावी सूची में SIR और Form 6 दोनों में दर्ज मतदाताओं को मिलने वाली विरोधाभासी स्थिति को उजागर किया, जिससे उनके मतदान अधिकार पर असर पड़ सकता है।
गोवा हाई कोर्ट ने हालिया सुनवाई में उन मतदाताओं के लिए एक प्रक्रियात्मक विरोधाभास उजागर किया, जिनके नाम चुनावी सूची के SIR (सप्लीमेंटरी/रिवीजन) और Form 6 दोनों भागों में दर्ज हैं।
अदालत ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था इन मतदाताओं को परस्पर विरोधी शर्तों का पालन करने के लिए मजबूर करती है, जिससे उनका मतदान अधिकार बाधित हो सकता है।
आगामी चुनावों से पहले इस ओवरलैप की जाँच कर स्पष्ट सुधारात्मक प्रक्रिया प्रदान करने का निर्देश चुनाव अधिकारियों को दिया गया, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को प्रशासनिक टकराव के कारण बहिष्कृत न किया जाए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह टिप्पणी SIR अपडेट और Form 6 प्रविष्टियों को एकीकृत करने वाले सुव्यवस्थित सूची‑रखरखाव प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
अदालत ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था इन मतदाताओं को परस्पर विरोधी शर्तों का पालन करने के लिए मजबूर करती है, जिससे उनका मतदान अधिकार बाधित हो सकता है।
आगामी चुनावों से पहले इस ओवरलैप की जाँच कर स्पष्ट सुधारात्मक प्रक्रिया प्रदान करने का निर्देश चुनाव अधिकारियों को दिया गया, ताकि किसी भी पात्र मतदाता को प्रशासनिक टकराव के कारण बहिष्कृत न किया जाए।
कानूनी विशेषज्ञों ने कहा कि यह टिप्पणी SIR अपडेट और Form 6 प्रविष्टियों को एकीकृत करने वाले सुव्यवस्थित सूची‑रखरखाव प्रणाली की आवश्यकता को रेखांकित करती है।