📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Fredericknoronha
राजनीति
गोवा सरकार ने स्कूलों के आसपास ‘ड्रग‑फ्री ज़ोन’ का आदेश, विपक्ष ने किया विरोध
✍️ The Indian Express
🗓 29 अग. 2026, 10:33 AM
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गोवा सरकार ने स्कूलों के निकट क्षेत्रों को ‘ड्रग‑फ्री ज़ोन’ घोषित किया, पर विपक्ष ने इसे राज्य के भविष्य की सुरक्षा में विफलता बताया।
गोवा सरकार ने एक आदेश जारी किया जिसमें सभी स्कूलों के आसपास के क्षेत्रों को "ड्रग‑फ्री ज़ोन" घोषित किया गया है। इस निर्देश में अधिकारियों को इन क्षेत्रों में नशीली दवाओं से संबंधित किसी भी गतिविधि को रोकने और कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
विपक्षी नेताओं ने तुरंत इस कदम की आलोचना की, इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह राज्य के भविष्य की सुरक्षा में विफल है। उनका तर्क है कि केवल ज़ोन निर्धारित करने से युवाओं में नशे की जड़ें नहीं हटेंगी और उन्होंने अधिक व्यापक उपायों की माँग की।
यह कदम देश भर में शैक्षणिक संस्थानों में नशे के बढ़ते मामलों की चिंताओं के बीच आया है, जहाँ कई राज्यों में छात्रों में नशीली दवाओं का सेवन बढ़ता दिख रहा है। गोवा का आदेश इन प्रवृत्तियों को रोकने के लिए स्कूलों के चारों ओर कानूनी बफ़र बनाना चाहता है, पर आलोचकों का कहना है कि प्रवर्तन की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
अभिभावकों और नागरिक समाज के समूह इस नीति के कार्यान्वयन को बारीकी से देख रहे हैं, साथ ही दंड और पुलिस की भूमिका पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विपक्ष ने कहा है कि यदि यह नीति प्रभावी नहीं रही तो वे राज्य सभा में इस मुद्दे को उठाएंगे और कानूनी कदमों पर विचार करेंगे।
विपक्षी नेताओं ने तुरंत इस कदम की आलोचना की, इसे अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह राज्य के भविष्य की सुरक्षा में विफल है। उनका तर्क है कि केवल ज़ोन निर्धारित करने से युवाओं में नशे की जड़ें नहीं हटेंगी और उन्होंने अधिक व्यापक उपायों की माँग की।
यह कदम देश भर में शैक्षणिक संस्थानों में नशे के बढ़ते मामलों की चिंताओं के बीच आया है, जहाँ कई राज्यों में छात्रों में नशीली दवाओं का सेवन बढ़ता दिख रहा है। गोवा का आदेश इन प्रवृत्तियों को रोकने के लिए स्कूलों के चारों ओर कानूनी बफ़र बनाना चाहता है, पर आलोचकों का कहना है कि प्रवर्तन की प्रक्रिया अभी स्पष्ट नहीं है।
अभिभावकों और नागरिक समाज के समूह इस नीति के कार्यान्वयन को बारीकी से देख रहे हैं, साथ ही दंड और पुलिस की भूमिका पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विपक्ष ने कहा है कि यदि यह नीति प्रभावी नहीं रही तो वे राज्य सभा में इस मुद्दे को उठाएंगे और कानूनी कदमों पर विचार करेंगे।