📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ArionStar
राजनीति
गांव के चर्चों ने प्रस्तावित एंटी-परिवर्तन बिल के विरोध में आवाज़ उठाई
✍️ The Goan
🗓 27 अग. 2026, 03:18 PM
👁 6
गांव के चर्चों ने राज्य के प्रस्तावित एंटी-परिवर्तन बिल के खिलाफ आवाज़ उठाई, धार्मिक स्वतंत्रता की चिंता जताई।
गांव के चर्चों ने एंटी-परिवर्तन बिल के खिलाफ सार्वजनिक रूप से विरोध किया, यह कहते हुए कि यह धार्मिक स्वतंत्रता पर असर डालता है। यह बिल अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा के लिए परिवर्तनों को नियंत्रित करने का प्रयास करता है, पर कई धार्मिक समूहों ने इसकी आलोचना की है।
चर्चों के नेताओं ने विधायकों के साथ संवाद की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानून धर्म के अभ्यास और प्रचार के अधिकार को सीमित न करे।
गांव के क्रिश्चियन काउंसिल द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विरोध को प्रमुखता से उठाया गया, जहाँ प्रतिनिधियों ने बल दिया कि सख्त प्रावधान भेदभाव और सामाजिक अशांति का कारण बन सकते हैं।
विधायकों ने अभी तक चर्च समूहों की चिंताओं पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह विरोध धार्मिक स्वतंत्रता और समुदाय सुरक्षा के बीच संतुलन पर व्यापक बहस को दर्शाता है।
चर्चों के नेताओं ने विधायकों के साथ संवाद की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कानून धर्म के अभ्यास और प्रचार के अधिकार को सीमित न करे।
गांव के क्रिश्चियन काउंसिल द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस विरोध को प्रमुखता से उठाया गया, जहाँ प्रतिनिधियों ने बल दिया कि सख्त प्रावधान भेदभाव और सामाजिक अशांति का कारण बन सकते हैं।
विधायकों ने अभी तक चर्च समूहों की चिंताओं पर औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, परंतु यह विरोध धार्मिक स्वतंत्रता और समुदाय सुरक्षा के बीच संतुलन पर व्यापक बहस को दर्शाता है।