📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ok123l
स्वास्थ्य
गोवा विधानसभा ने बाल कानून से कुष्ठ रोग का उल्लेख हटाकर कलंक समाप्त करने का कदम उठाया
✍️ Hindustan Times
🗓 03 सित. 2026, 12:35 AM
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गोवा विधानसभा ने बाल कल्याण अधिनियम से कुष्ठ रोग के संदर्भ हटाने के लिए विधेयक पारित किया, जिससे सामाजिक कलंक कम हो सके।
गोवा विधानसभा ने राज्य के बाल कल्याण अधिनियम से कुष्ठ रोग के सभी उल्लेख हटाने वाला विधेयक पारित किया है। विधायकों का कहना है कि यह संशोधन दशकों से चल रहे भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से किया गया है। पुरानी भाषा को हटाकर, राज्य अपने कानूनी ढाँचे को आधुनिक सार्वजनिक स्वास्थ्य दृष्टिकोण के साथ संरेखित करना चाहता है, जिसमें कुष्ठ रोग को पूरी तरह से इलाज योग्य माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नागरिक समाज संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह बताते हुए कि बाल कानून में कुष्ठ रोग का उल्लेख नकारात्मक रूढ़ियों को मजबूत कर सकता है और प्रभावित परिवारों को समय पर इलाज लेने से रोक सकता है। संशोधन से बाल संरक्षण कार्यक्रमों को बिना कलंक के लागू करने में आसानी होगी।
विधेयक अब राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा गया है, जिसके बाद संशोधित प्रावधानों को अधिसूचित करके लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम पूरे भारत में कुष्ठ रोग के कलंक को कम करने और रोगियों की उपचार पहुँच को बेहतर बनाने की व्यापक पहल में योगदान देगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और नागरिक समाज संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह बताते हुए कि बाल कानून में कुष्ठ रोग का उल्लेख नकारात्मक रूढ़ियों को मजबूत कर सकता है और प्रभावित परिवारों को समय पर इलाज लेने से रोक सकता है। संशोधन से बाल संरक्षण कार्यक्रमों को बिना कलंक के लागू करने में आसानी होगी।
विधेयक अब राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा गया है, जिसके बाद संशोधित प्रावधानों को अधिसूचित करके लागू किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह कदम पूरे भारत में कुष्ठ रोग के कलंक को कम करने और रोगियों की उपचार पहुँच को बेहतर बनाने की व्यापक पहल में योगदान देगा।