📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Tisha Mukherjee
देश
ग्लाव झील को भारत का 101वां रैम्सर स्थल घोषित
✍️ ThePrint
🗓 03 अग. 2026, 11:37 PM
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ग्लाव झील, जो अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में स्थित है, को भारत का 101वां रैम्सर स्थल घोषित किया गया है, जिससे इसकी पारिस्थितिक महत्ता पर प्रकाश डाला गया है।
हाल ही में, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने घोषणा की कि ग्लाव झील को अंतरराष्ट्रीय महत्व के आर्द्रभूमि के रूप में रैम्सर सूची में शामिल किया गया है।
यह झील अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में स्थित है और घने उपोष्णकटिबंधीय वन से घिरी हुई है। यहाँ समृद्ध वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनमें वर्षा ऋतु में आने वाली कई प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ शामिल हैं।
रैम्सर स्थल के रूप में मान्यता मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सतत प्रबंधन के लिए ढांचा मिलता है। इससे क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने और पर्यावरण‑अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने इस घोषणा का स्वागत किया, यह बताते हुए कि इस स्थिति से संरक्षण के लिए धन जुटाने और झील के पारिस्थितिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
यह झील अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सियांग जिले में स्थित है और घने उपोष्णकटिबंधीय वन से घिरी हुई है। यहाँ समृद्ध वनस्पति और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनमें वर्षा ऋतु में आने वाली कई प्रवासी पक्षी प्रजातियाँ शामिल हैं।
रैम्सर स्थल के रूप में मान्यता मिलने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सतत प्रबंधन के लिए ढांचा मिलता है। इससे क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने और पर्यावरण‑अनुकूल पर्यटन को प्रोत्साहित करने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने इस घोषणा का स्वागत किया, यह बताते हुए कि इस स्थिति से संरक्षण के लिए धन जुटाने और झील के पारिस्थितिक महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।