📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Cockroach janta party
राजनीति
जंटर मंतर में जनरेशन ज़ेड का विरोध: सीजेपी पर दबाव
✍️ BBC
🗓 21 जुल. 2026, 02:03 PM
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युवा कार्यकर्ता दिल्ली के ऐतिहासिक जंटर मंतर में सीजेपी की कार्रवाइयों के खिलाफ विरोध कर रहे हैं, जवाबदेही और सुधारों की मांग कर रहे हैं।
एक शांत पर दृढ़ मार्च में, जेनरेशन ज़ेड के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के ऐतिहासिक जंटर मंतर में इकट्ठा होकर सीजेपी की हालिया कार्रवाइयों पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कीं। यह विरोध सुबह जल्दी शुरू हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने पट्टिकाएँ लहराईं और पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग करते हुए नारे लगाए।
प्रदर्शकों ने कई घटनाओं का उल्लेख किया जिन्हें वे सीजेपी के आचरण की गहन जाँच के योग्य मानते हैं, हालांकि कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए। आयोजकों ने सरकार से आग्रह किया कि वे शिकायतों को संबोधित करें और एक औपचारिक जांच शुरू करें।
पुलिस ने शांत उपस्थिति बनाए रखी, यह सुनिश्चित करते हुए कि विरोध शांतिपूर्ण रहे और आसपास के क्षेत्र में कोई व्यवधान न हो। भीड़ देर दोपहर में स्थानीय अधिकारियों के साथ संक्षिप्त बैठक के बाद बिखर गई।
यह घटना भारत में युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों के बढ़ते रुझान का हिस्सा है, जहाँ जेनरेशन ज़ेड शासन और सार्वजनिक संस्थानों में सुधार की मांग के लिए सार्वजनिक स्थानों पर उतर रहा है।
हालाँकि इस विरोध से तत्काल नीति परिवर्तन नहीं हुआ, इसने दिल्ली में सार्वजनिक संवाद को आकार देने में युवा नागरिकों के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया।
प्रदर्शकों ने कई घटनाओं का उल्लेख किया जिन्हें वे सीजेपी के आचरण की गहन जाँच के योग्य मानते हैं, हालांकि कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए। आयोजकों ने सरकार से आग्रह किया कि वे शिकायतों को संबोधित करें और एक औपचारिक जांच शुरू करें।
पुलिस ने शांत उपस्थिति बनाए रखी, यह सुनिश्चित करते हुए कि विरोध शांतिपूर्ण रहे और आसपास के क्षेत्र में कोई व्यवधान न हो। भीड़ देर दोपहर में स्थानीय अधिकारियों के साथ संक्षिप्त बैठक के बाद बिखर गई।
यह घटना भारत में युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों के बढ़ते रुझान का हिस्सा है, जहाँ जेनरेशन ज़ेड शासन और सार्वजनिक संस्थानों में सुधार की मांग के लिए सार्वजनिक स्थानों पर उतर रहा है।
हालाँकि इस विरोध से तत्काल नीति परिवर्तन नहीं हुआ, इसने दिल्ली में सार्वजनिक संवाद को आकार देने में युवा नागरिकों के बढ़ते प्रभाव को उजागर किया।