Crime
गयाजी में बैंक फ्रॉड मामले में ई डी कि बड़ी करवाई
गयाजी में बैंक फ्रॉड मामले प्रवर्तन निदेशालय पटना कि बड़ी कार्रवाई85करोड़ के लोन से जुड़े मामले में कई ठिकाने पर छापेमारी
गयाजी से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
गया में बैंक फ्रॉड मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 85 करोड़ के लोन से जुड़े मामले में कई ठिकानों पर सर्च
गया जी। गया में बैंक फ्रॉड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। कार्रवाई फिलहाल जारी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के लोन में से लगभग 58 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप है। आरोप है कि यह रकम कथित तौर पर फर्जी या जाली प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त की गई थी।
ईडी के मुताबिक, कंपनी का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास बताया गया है। लोन के एवज में अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी बैंकों को दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि पांच संपत्तियों को टाटा मोटर्स से जुड़े बकाये के खिलाफ गिरवी या मॉर्गेज किया गया था। बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर बेच दिया गया, जबकि वे पहले से गिरवी थीं। ईडी को कुछ खरीदारों के कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी होने की भी आशंका है।
फिलहाल ईडी की सर्च कार्रवाई जारी है। तलाशी पूरी होने और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।
गया में बैंक फ्रॉड मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 85 करोड़ के लोन से जुड़े मामले में कई ठिकानों पर सर्च
गया जी। गया में बैंक फ्रॉड मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED), पटना की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीम ने PMLA की धारा 17 के तहत रामनंदी होटल्स एंड रिसॉर्ट्स लिमिटेड (RHRL) से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। कार्रवाई फिलहाल जारी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बैंकों के कंसोर्टियम से लिए गए करीब 85 करोड़ रुपये के लोन में से लगभग 58 करोड़ रुपये डायवर्ट करने का आरोप है। आरोप है कि यह रकम कथित तौर पर फर्जी या जाली प्रोजेक्ट कंप्लीशन रिपोर्ट के आधार पर प्राप्त की गई थी।
ईडी के मुताबिक, कंपनी का नियंत्रण अखौरी गोपाल और उनके बेटों निशांत एवं नितेश के पास बताया गया है। लोन के एवज में अखौरी गोपाल और उनके परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत गारंटी भी बैंकों को दी गई थी।
जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि पांच संपत्तियों को टाटा मोटर्स से जुड़े बकाये के खिलाफ गिरवी या मॉर्गेज किया गया था। बाद में इन संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर बेच दिया गया, जबकि वे पहले से गिरवी थीं। ईडी को कुछ खरीदारों के कथित तौर पर बेनामी या प्रॉक्सी होने की भी आशंका है।
फिलहाल ईडी की सर्च कार्रवाई जारी है। तलाशी पूरी होने और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तस्वीर साफ होगी।