स्थानीय
ग्वालियर में किसानों के लिए मानक बीज व खाद उपलब्ध कराने हेतु बीज नमूना परीक्षण चल रहा
रबी मौसम में ग्वालियर जिले के किसानों को मानक बीज व खाद उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न फर्मों के सरसों व मटर के बीजों का नमूना लेकर प्रयोगशाला में जाँच की जा रही है।
रबी मौसम में ग्वालियर जिले के किसानों को मानक बीज व खाद उपलब्ध कराने के लिये विभिन्न बीज विक्रेताओं व फर्मों से लगातार नमूने लेकर प्रयोगशाला में जाँच कराई जा रही है।
इस कड़ी में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सह जिला स्तरीय बीज नमूना संग्रहण अधिकारी द्वारा विभिन्न फर्मों पर भण्डारित अलग-अलग बीज उत्पादक संस्थाओं के सरसों, मटर व अन्य फसलों के बीजों के नमूने लेकर बीज परीक्षण प्रयोगशाला में जाँच के लिये भेजे गए हैं।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीज विक्रेता फर्म मयंक बीज भण्डार सरद बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, माठूलाल हरीशंकर मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, श्री महालक्ष्मी एग्रो एजेंसी गंज मुरार से सरसों व मटर, गणेश ट्रेडिंग कंपनी गंज मुरार से सरसों एवं न्यू गंभीर बीज भण्डार सदर बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्मों के बीज नमूने लेकर जाँच के लिये प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
इस पहल से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाने की आशा है, जिससे उत्पादन में वृद्धि और फसल की पैदावार में सुधार संभव हो सकेगा।
इस कड़ी में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग सह जिला स्तरीय बीज नमूना संग्रहण अधिकारी द्वारा विभिन्न फर्मों पर भण्डारित अलग-अलग बीज उत्पादक संस्थाओं के सरसों, मटर व अन्य फसलों के बीजों के नमूने लेकर बीज परीक्षण प्रयोगशाला में जाँच के लिये भेजे गए हैं।
उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीज विक्रेता फर्म मयंक बीज भण्डार सरद बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, माठूलाल हरीशंकर मुरार से सरसों की विभिन्न किस्म, श्री महालक्ष्मी एग्रो एजेंसी गंज मुरार से सरसों व मटर, गणेश ट्रेडिंग कंपनी गंज मुरार से सरसों एवं न्यू गंभीर बीज भण्डार सदर बाजार मुरार से सरसों की विभिन्न किस्मों के बीज नमूने लेकर जाँच के लिये प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
इस पहल से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाने की आशा है, जिससे उत्पादन में वृद्धि और फसल की पैदावार में सुधार संभव हो सकेगा।