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ग्राम पंचायत बलबहरा में फर्जी मूल्यांकन एवं बिल पास करने के गंभीर आरोप
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ग्राम पंचायत बलबहरा में फर्जी मूल्यांकन एवं बिल पास करने के गंभीर आरोप, सचिव, सरपंच और इंजीनियर के विरुद्ध जांच की मांग
बलबहरा जनपद बुढ़ार जिला शहडोल
ग्राम पंचायत बलबहरा में विकास कार्यों के नाम पर कथित रूप से फर्जी मूल्यांकन तैयार कर शासकीय राशि के भुगतान एवं बिल पास कराने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों शिकायतकर्ता ने पंचायत के सचिव, सरपंच एवं संबंधित इंजीनियर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कुछ निर्माण एवं विकास कार्यों का वास्तविक स्थल निरीक्षण किए बिना अथवा कार्य की वास्तविक स्थिति से अधिक मूल्यांकन दर्शाकर बिल तैयार किए गए। आरोप है कि कुछ कार्य अधूरे होने, कम मात्रा में होने या धरातल पर अपेक्षित रूप से नहीं पाए जाने के बावजूद उनके पूर्ण होने का मूल्यांकन कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित सचिव, सरपंच एवं इंजीनियर की मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता और पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच आवश्यक है। मांग की गई है कि पंचायत के संबंधित कार्यों की माप पुस्तिका (एमबी), तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, मूल्यांकन पत्रक, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण एवं अन्य अभिलेखों की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रत्येक कार्य का मौके पर पुनः निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा वास्तविक कार्य और किए गए भुगतान का मिलान किया जाए। यदि जांच में फर्जी मूल्यांकन, गलत बिल अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शासकीय धनराशि की वसूली की जाए।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए ताकि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
नोट: संबंधित पक्षों का कहना है कि जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
बलबहरा जनपद बुढ़ार जिला शहडोल
ग्राम पंचायत बलबहरा में विकास कार्यों के नाम पर कथित रूप से फर्जी मूल्यांकन तैयार कर शासकीय राशि के भुगतान एवं बिल पास कराने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों शिकायतकर्ता ने पंचायत के सचिव, सरपंच एवं संबंधित इंजीनियर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत में कराए गए कुछ निर्माण एवं विकास कार्यों का वास्तविक स्थल निरीक्षण किए बिना अथवा कार्य की वास्तविक स्थिति से अधिक मूल्यांकन दर्शाकर बिल तैयार किए गए। आरोप है कि कुछ कार्य अधूरे होने, कम मात्रा में होने या धरातल पर अपेक्षित रूप से नहीं पाए जाने के बावजूद उनके पूर्ण होने का मूल्यांकन कर भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित सचिव, सरपंच एवं इंजीनियर की मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता और पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच आवश्यक है। मांग की गई है कि पंचायत के संबंधित कार्यों की माप पुस्तिका (एमबी), तकनीकी स्वीकृति, कार्यादेश, मूल्यांकन पत्रक, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण एवं अन्य अभिलेखों की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रत्येक कार्य का मौके पर पुनः निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा वास्तविक कार्य और किए गए भुगतान का मिलान किया जाए। यदि जांच में फर्जी मूल्यांकन, गलत बिल अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए और शासकीय धनराशि की वसूली की जाए।
मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बताई जा रही है। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए ताकि ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
नोट: संबंधित पक्षों का कहना है कि जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।