स्थानीय
गोपालगंज (थावे) में कार चालक ने अंधेरे में साइकिल चलाते पिता‑बेटी को रोशन किया
बिहार के गोपालगंज में एक कार चालक ने रात के अंधेरे में साइकिल पर पिता‑बेटी को सुरक्षित घर पहुँचाने में मदद की।
बिहार के गोपालगंज (थावे क्षेत्र) में एक पिता अपनी बेटी को परीक्षा दिलवाकर रात के अंधेरे और सुनसान रास्ते से साइकिल पर घर लौट रहे थे। उसी रास्ते में पीछे से आ रही एक कार में सवार कुछ युवाओं ने साइकिल चलाते पिता‑बेटी को देखा और मदद का इरादा किया। उन्होंने डर का माहौल न बनाते हुए आवाज़ नहीं की, बल्कि अपनी कार की हेडलाइट को साइकिल की ओर मोड़ दी।
कार चालक ने बिना किसी शब्द के शोर‑शराबा किए, हेडलाइट की रोशनी से रास्ता रोशन किया और पिता‑बेटी के पीछे-पीछे चलते रहे। यह प्रकाश व्यवस्था उन्हें सुरक्षित रूप से अपने घर तक पहुँचाने में सहायक रही।
पिता‑बेटी सुरक्षित रूप से घर पहुंचने के बाद, इस मानवीय कार्य को स्थानीय लोगों ने सराहा और कहा गया कि धर्म‑कर्म इसी धरती पर सबसे बड़ा धर्म है, और मानवता ही सबसे बड़ा भगवान है।
कार चालक ने बिना किसी शब्द के शोर‑शराबा किए, हेडलाइट की रोशनी से रास्ता रोशन किया और पिता‑बेटी के पीछे-पीछे चलते रहे। यह प्रकाश व्यवस्था उन्हें सुरक्षित रूप से अपने घर तक पहुँचाने में सहायक रही।
पिता‑बेटी सुरक्षित रूप से घर पहुंचने के बाद, इस मानवीय कार्य को स्थानीय लोगों ने सराहा और कहा गया कि धर्म‑कर्म इसी धरती पर सबसे बड़ा धर्म है, और मानवता ही सबसे बड़ा भगवान है।