📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Himanshu Rane
अपराध
गैंगस्टर हिमांशु भाऊ: पढ़ाकू बचपन से बिश्नोई प्रतिद्वंद्वी तक
✍️ ThePrint
🗓 25 अक्टू. 2026, 07:39 AM
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हिमांशु भाऊ, बिश्नोई प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर, को पढ़ाकू बचपन से किशोरावस्था में अपराध की ओर मुड़ते हुए बताया गया है।
हिमांशु भाऊ संगठित अपराध में एक प्रमुख व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं, जिन्हें बिश्नोई नेटवर्क के प्रतिद्वंद्वी के रूप में पहचाना जाता है। ThePrint के प्रोफ़ाइल में उनके अंडरवर्ल्ड में प्रभाव और प्रतिस्पर्धी समूहों के साथ चल रहे टकराव को उजागर किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, भाऊ बचपन में एक पढ़ाकू छात्र थे; स्कूल में उनका प्रदर्शन अच्छा था और परिवार व शिक्षकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य वाला बताया।
हालाँकि, किशोरावस्था में उनका रास्ता बदल गया जब उन्होंने आपराधिक गतिविधियों में हाथ बटाया। पढ़ाकू बच्चे से गैंग सदस्य बनने की यह परिवर्तन प्रक्रिया ही बाद में बिश्नोई प्रतिद्वंद्वी के रूप में उनकी ख्याति का आधार बनी।
रिपोर्ट के अनुसार, भाऊ बचपन में एक पढ़ाकू छात्र थे; स्कूल में उनका प्रदर्शन अच्छा था और परिवार व शिक्षकों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य वाला बताया।
हालाँकि, किशोरावस्था में उनका रास्ता बदल गया जब उन्होंने आपराधिक गतिविधियों में हाथ बटाया। पढ़ाकू बच्चे से गैंग सदस्य बनने की यह परिवर्तन प्रक्रिया ही बाद में बिश्नोई प्रतिद्वंद्वी के रूप में उनकी ख्याति का आधार बनी।