📷 चित्र स्रोत: Flickr (CC)
खेल
बर्तन धोने से कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक: ऋषिकांत सिंह की अद्भुत यात्रा
✍️ The Indian Express
🗓 27 जुल. 2026, 07:06 PM
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बर्तन धोने से लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने तक, ऋषिकांत सिंह की कहानी साधारण शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय खेल सफलता तक की है।
ऋषिकांत सिंह, एक भारतीय कुश्ती खिलाड़ी, पहले केवल 150 रुपये बर्तन धोने के काम से कमाते थे।
कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अपनी वजन श्रेणी में रजत पदक जीता, जो उनके खेल करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
यह उपलब्धि सिंह की समर्पण और उनके स्थानीय समुदाय के समर्थन को दर्शाती है, जिसने एक साधारण पृष्ठभूमि को राष्ट्रीय गर्व का स्रोत बना दिया।
सिंह की कहानी ने उनके शहर के कई लोगों को प्रेरित किया है, यह दिखाते हुए कि कड़ी मेहनत से सामान्य जीवन असाधारण सफलता में बदल सकता है।
रजत पदक ने भारत के कुल पदक तालिका में योगदान दिया और देश की कुश्ती में बढ़ती ताकत को उजागर किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अपनी वजन श्रेणी में रजत पदक जीता, जो उनके खेल करियर में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
यह उपलब्धि सिंह की समर्पण और उनके स्थानीय समुदाय के समर्थन को दर्शाती है, जिसने एक साधारण पृष्ठभूमि को राष्ट्रीय गर्व का स्रोत बना दिया।
सिंह की कहानी ने उनके शहर के कई लोगों को प्रेरित किया है, यह दिखाते हुए कि कड़ी मेहनत से सामान्य जीवन असाधारण सफलता में बदल सकता है।
रजत पदक ने भारत के कुल पदक तालिका में योगदान दिया और देश की कुश्ती में बढ़ती ताकत को उजागर किया।