📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Secratesuperstar
राजनीति
पूर्व एमएलसी नरेंद्र सिंह ने तिरहुत शिक्षक सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया
✍️ Amar Ujala · Bihar
🗓 01 अक्टू. 2026, 05:01 PM
👁 28
भाजपा उम्मीदवार और पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया, जबकि एनडीए के नेताओं, विशेष रूप से शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने समर्थन की अपील की और शिक्षकों के ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था बताई।
पूर्व बिहार विधायक नरेंद्र सिंह, जो भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हैं, ने आगामी चुनावों से पहले तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन आधिकारिक तौर पर दाखिल किया। यह प्रक्रिया स्थानीय निर्वाचन कार्यालय में हुई, जिससे वह इस सीट के लिए एनडीए के प्रत्याशी के रूप में सामने आए।
समारोह के दौरान एनडीए के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने भीड़ को संबोधित कर नरेंद्र सिंह के समर्थन में आह्वान किया। तिवारी ने शिक्षकों के वेतन के ऑनलाइन भुगतान की नई व्यवस्था का उल्लेख किया, जिससे पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
नामांकन दाखिल करना भाजपा की इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है, जहाँ शिक्षक सीटें हमेशा तीव्र प्रतिस्पर्धा का विषय रही हैं। चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी कागजी कार्यवाही नियमानुसार पूरी हो गई है और अब इस प्रत्याशी की अंतिम स्वीकृति के लिए सामान्य जांच प्रक्रिया चलनी है।
स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता आने वाले हफ्तों में अपनी प्रचार गतिविधियों को तेज करेंगे, विशेषकर ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के लाभ और एनडीए द्वारा किए गए विकास वादों को उजागर करेंगे। इस प्रतिस्पर्धा का परिणाम बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन की ताकत का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाएगा।
समारोह के दौरान एनडीए के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी ने भीड़ को संबोधित कर नरेंद्र सिंह के समर्थन में आह्वान किया। तिवारी ने शिक्षकों के वेतन के ऑनलाइन भुगतान की नई व्यवस्था का उल्लेख किया, जिससे पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
नामांकन दाखिल करना भाजपा की इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति को दर्शाता है, जहाँ शिक्षक सीटें हमेशा तीव्र प्रतिस्पर्धा का विषय रही हैं। चुनाव अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी कागजी कार्यवाही नियमानुसार पूरी हो गई है और अब इस प्रत्याशी की अंतिम स्वीकृति के लिए सामान्य जांच प्रक्रिया चलनी है।
स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता आने वाले हफ्तों में अपनी प्रचार गतिविधियों को तेज करेंगे, विशेषकर ऑनलाइन भुगतान प्रणाली के लाभ और एनडीए द्वारा किए गए विकास वादों को उजागर करेंगे। इस प्रतिस्पर्धा का परिणाम बिहार के आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन की ताकत का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाएगा।