📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sarony, Napoleon, 1821-1896
राजनीति
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने राजनीति में कदम रखने की घोषणा, लोगों‑के‑साथ राजनीति करेंगे
✍️ Hindustan Times
🗓 29 सित. 2026, 10:32 AM
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हाल ही में IAS से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा की, लोगों‑के‑साथ जुड़कर राजनीति करने का इरादा जताया।
दिव्या मित्तल, जो पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं, ने इस महीने की शुरुआत में अपना इस्तीफा दे दिया, जिससे उनके कई प्रमुख प्रशासनिक पदों पर कार्यकाल का अंत हुआ। उनके इस कदम ने राजधानी और देश भर में चर्चा को जन्म दिया, क्योंकि उन्हें कुशल प्रशासनिक कार्य के लिए जाना जाता था।
एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मित्तल ने बताया कि अब वह राजनीति में कदम रख रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं लोगों के साथ राजनीति करूँगी," जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह पारंपरिक पार्टी‑केन्द्रित राजनीति के बजाय जमीनी स्तर पर लोगों के साथ जुड़ना चाहती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह कदम नौकरशाहों के चुनावी राजनीति में प्रवेश को नया रूप दे सकता है, खासकर जब मतदाता प्रशासनिक अनुभव वाले नेताओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। मित्तल ने अभी तक किसी पार्टी या विशेष निर्वाचन क्षेत्र का खुलासा नहीं किया है, पर उनका बयान यह संकेत देता है कि वह सीधे जनता से जुड़कर अपना मंच बनाना चाहती हैं।
यह घोषणा उसी समय आई है जब कई पूर्व अधिकारी सार्वजनिक पदों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे तकनीकी विशेषज्ञों के विधायी भूमिकाओं में प्रवेश की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है। देखना बाकी है कि मित्तल का प्रशासनिक पृष्ठभूमि उनके राजनीतिक रुख को कैसे आकार देगा और क्या वह इस अनुभव को चुनावी सफलता में बदल पाएंगी।
एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मित्तल ने बताया कि अब वह राजनीति में कदम रख रही हैं। उन्होंने कहा, "मैं लोगों के साथ राजनीति करूँगी," जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह पारंपरिक पार्टी‑केन्द्रित राजनीति के बजाय जमीनी स्तर पर लोगों के साथ जुड़ना चाहती हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह कदम नौकरशाहों के चुनावी राजनीति में प्रवेश को नया रूप दे सकता है, खासकर जब मतदाता प्रशासनिक अनुभव वाले नेताओं की ओर आकर्षित हो रहे हैं। मित्तल ने अभी तक किसी पार्टी या विशेष निर्वाचन क्षेत्र का खुलासा नहीं किया है, पर उनका बयान यह संकेत देता है कि वह सीधे जनता से जुड़कर अपना मंच बनाना चाहती हैं।
यह घोषणा उसी समय आई है जब कई पूर्व अधिकारी सार्वजनिक पदों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे तकनीकी विशेषज्ञों के विधायी भूमिकाओं में प्रवेश की प्रवृत्ति स्पष्ट होती है। देखना बाकी है कि मित्तल का प्रशासनिक पृष्ठभूमि उनके राजनीतिक रुख को कैसे आकार देगा और क्या वह इस अनुभव को चुनावी सफलता में बदल पाएंगी।