📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Commerce and Industry (India)
राजनीति
पूर्व सीएम कमलनाथ ने एमपी में 27% ओबीसी आरक्षण बहाल करने के लिये नया कानून लाने की मांग की
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 10 अक्टू. 2026, 04:01 PM
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ओबीसी आरक्षण फैसले के बाद, पूर्व सीएम कमलनाथ ने 27% आरक्षण बहाल करने के लिये नया कानून लाने की मांग की, जबकि कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने सरकार की कानूनी स्थिति पर सवाल उठाए।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में ओबीसी के 27% आरक्षण से संबंधित फैसला सुनाया, जिससे राज्य में राजनीतिक बहस फिर से तेज हो गई। इस निर्णय ने शासक भाजपा और विपक्षी कांग्रेस दोनों को आरक्षण नीति पर अपनी‑अपनी स्थिति स्पष्ट करने पर मजबूर किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सार्वजनिक रूप से राज्य विधानसभा में नया कानून लाने की मांग की, जिससे 27% ओबीसी कोटा बहाल हो सके। कमलनाथ ने कहा कि सामाजिक समानता के लिए आरक्षण आवश्यक है और विधायी समाधान न्यायिक आदेशों से अधिक स्थायी होगा।
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने सरकार की कानूनी पैरवी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान दृष्टिकोण आगे की न्यायिक जांच में टिक नहीं सकता। तन्खा के बयानों ने भाजपा और कांग्रेस के बीच आरक्षण मुद्दे को लेकर बढ़ती टकराव में नई परत जोड़ दी है।
यह विवाद मध्यप्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की संभावना रखता है, क्योंकि दोनों पार्टियां इस संवेदनशील जाति‑आधारित आरक्षण मुद्दे के इर्द‑गिर्द अपने मतदाता आधार को जुटाने की कोशिश कर रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने सार्वजनिक रूप से राज्य विधानसभा में नया कानून लाने की मांग की, जिससे 27% ओबीसी कोटा बहाल हो सके। कमलनाथ ने कहा कि सामाजिक समानता के लिए आरक्षण आवश्यक है और विधायी समाधान न्यायिक आदेशों से अधिक स्थायी होगा।
कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने सरकार की कानूनी पैरवी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान दृष्टिकोण आगे की न्यायिक जांच में टिक नहीं सकता। तन्खा के बयानों ने भाजपा और कांग्रेस के बीच आरक्षण मुद्दे को लेकर बढ़ती टकराव में नई परत जोड़ दी है।
यह विवाद मध्यप्रदेश में आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने की संभावना रखता है, क्योंकि दोनों पार्टियां इस संवेदनशील जाति‑आधारित आरक्षण मुद्दे के इर्द‑गिर्द अपने मतदाता आधार को जुटाने की कोशिश कर रही हैं।