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23 अक्टू. 2026•
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई ने राजस्थान हाई कोर्ट विवाद में न्यायिक अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Andhra Pradesh High Court
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई ने राजस्थान हाई कोर्ट विवाद में न्यायिक अनुशासन की आवश्यकता पर बल दिया

✍️ hindustantimes.com 🗓 06 सित. 2026, 03:33 PM 👁 51
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पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश डी. गवई ने कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट में चल रहे विवाद के मद्देनज़र न्यायिक अनुशासन बनाये रखना अनिवार्य है।

पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश डी. गवई, जिन्होंने 1999‑2000 में भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया, राजस्थान हाई कोर्ट के विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता सख्त अनुशासन पर निर्भर करती है।
इस विवाद की शुरुआत वरिष्ठ न्यायाधीश की नियुक्ति में प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोपों से हुई, जिससे कानूनी समुदाय में आलोचना और जांच की मांग उठी। गवई ने चेतावनी दी कि पक्षपात या लापरवाही की कोई भी भावना जनता का भरोसा घटा सकती है।
उन्होंने राजस्थान की न्यायपालिका से पारदर्शी प्रक्रियाएँ, नियमित सहकर्मी समीक्षा और अनुशासनहीनता पर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। साथ ही सुप्रीम कोर्ट और न्यायालयीय कॉलेजियम को नैतिक मानकों की निगरानी को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
यह बयान जयपुर में भारतीय वकालत संघ द्वारा आयोजित एक पैनल चर्चा के दौरान दिया गया, जहाँ न्यायिक जवाबदेही को मजबूत करने के लिए सुधारों पर विचार-विमर्श हुआ।
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