📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gaurang Pathak 1
अपराध
छतरपुर ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को शौचालय रिश्वत में 3 साल की सजा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 17 सित. 2026, 06:45 PM
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लोकायुक्त पुलिस द्वारा 2020 में पकड़ी गई नीलम तिवारी को शौचालय निर्माण के नाम पर 500 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में तीन साल की जेल की सजा सुनाई गई।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के जिला न्यायालय ने नीलम तिवारी को तीन साल की जेल की सजा सुनाई है, जो उस समय ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के पद पर थीं। इस दंड का कारण यह है कि उन्होंने सरकारी शौचालय निर्माण योजना के तहत प्रत्येक शौचालय के लिए 500 रुपये की निश्चित राशि ठेकेदारों से ली।
राज्य लोकायुक्त की पुलिस ने 18 फरवरी 2020 को तिवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा, जिससे मामला दायर हुआ। भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत चलाए गए इस मुकदमे में ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के फंडों के दुरुपयोग को उजागर किया गया।
प्रोसेक्यूशन ने कई लेन‑देन के दस्तावेज़ और उन अधिकारियों की गवाही पेश की, जिन्होंने इस प्रकार की वसूली की पुष्टि की। न्यायाधीश ने कहा कि प्रति यूनिट राशि छोटी हो सकती है, परन्तु बड़े पैमाने पर इस योजना के कारण सार्वजनिक कोष को काफी नुकसान हुआ।
नीलम तिवारी को तीन साल की कारावास की सजा के साथ-साथ अवैध रूप से प्राप्त धन को जब्त करने का आदेश दिया गया, जिससे कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख स्पष्ट हुआ।
राज्य लोकायुक्त की पुलिस ने 18 फरवरी 2020 को तिवारी को रिश्वत लेते हुए पकड़ा, जिससे मामला दायर हुआ। भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत चलाए गए इस मुकदमे में ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम के फंडों के दुरुपयोग को उजागर किया गया।
प्रोसेक्यूशन ने कई लेन‑देन के दस्तावेज़ और उन अधिकारियों की गवाही पेश की, जिन्होंने इस प्रकार की वसूली की पुष्टि की। न्यायाधीश ने कहा कि प्रति यूनिट राशि छोटी हो सकती है, परन्तु बड़े पैमाने पर इस योजना के कारण सार्वजनिक कोष को काफी नुकसान हुआ।
नीलम तिवारी को तीन साल की कारावास की सजा के साथ-साथ अवैध रूप से प्राप्त धन को जब्त करने का आदेश दिया गया, जिससे कल्याणकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख स्पष्ट हुआ।