📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Basile Morin
मौसम
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में बाढ़ से 150 करोड़ रुपये का नुकसान, धान के खेत अभी भी जलमग्न
✍️ The Hindu
🗓 29 सित. 2026, 12:46 AM
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भारी बारिश से श्रीकाकुलम जिले में लगभग 150 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और धान के खेत अभी भी जलमग्न हैं।
आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में इस हफ्ते भारी मानसून की बारिश ने बड़े हिस्से को डुबो दिया, जिससे स्थानीय प्रशासन ने आपातकाल की घोषणा की। जिला अधिकारियों के प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार, बुनियादी ढाँचा, घरों और कृषि संपत्तियों को मिलाकर कुल आर्थिक नुकसान लगभग 150 करोड़ रुपये है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र अल्लिना है, जहाँ धान के खेतों में अभी भी पानी जमा है। किसानों ने बताया कि जलमग्न परिस्थितियों के कारण बीज बोने की प्रक्रिया बाधित है और यदि जल निकासी में तेजी नहीं आई तो आगामी फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है।
राज्य के आपदा प्रतिक्रिया दल ने बचाव नौकाएँ और रेत के थैले तैनात कर दिए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की है। जल निकासी को तेज करने के लिए जल सिंचन विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने निवासियों से सतर्क रहने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और राहत कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है। नदी के स्तर की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि बाढ़ की स्थिति और बिगड़ न सके।
जैसे ही पानी घटेगा, पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित होगा, राज्य बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और कृषि सहायता प्रदान करने का वादा कर रहा है ताकि दीर्घकालिक नुकसान को कम किया जा सके।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र अल्लिना है, जहाँ धान के खेतों में अभी भी पानी जमा है। किसानों ने बताया कि जलमग्न परिस्थितियों के कारण बीज बोने की प्रक्रिया बाधित है और यदि जल निकासी में तेजी नहीं आई तो आगामी फसल पर गंभीर असर पड़ सकता है।
राज्य के आपदा प्रतिक्रिया दल ने बचाव नौकाएँ और रेत के थैले तैनात कर दिए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश सरकार ने प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत पैकेज की घोषणा की है। जल निकासी को तेज करने के लिए जल सिंचन विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने निवासियों से सतर्क रहने, निचले क्षेत्रों से दूर रहने और राहत कार्यकर्ताओं के साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है। नदी के स्तर की निरंतर निगरानी की जाएगी ताकि बाढ़ की स्थिति और बिगड़ न सके।
जैसे ही पानी घटेगा, पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित होगा, राज्य बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और कृषि सहायता प्रदान करने का वादा कर रहा है ताकि दीर्घकालिक नुकसान को कम किया जा सके।