📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / KEmel49
कृषि
बाढ़ ने गाय‑बकरी पर निर्भर भारतीय किसानों की आजीविका बर्बाद की
✍️ Livemint
🗓 20 सित. 2026, 09:31 AM
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हालिया बाढ़ ने उन किसानों की गाय‑बकरी को नष्ट कर दिया है, जिन पर उनकी आय और बीमा निर्भर था, जिससे उन्हें तुरंत सहायता की आवश्यकता है।
भारी वर्षा के कारण कई जिलों में व्यापक बाढ़ आई, जिससे कृषि भूमि और ग्रामीण बस्तियों में जल भर गया। कई छोटे किसानों के लिए गायें दूध, गोबर और हल चलाने का मुख्य साधन हैं, जबकि बकरियों को आपातकाल में बेच कर आर्थिक सुरक्षा मिलती है। अचानक आई बाढ़ ने इन परिवारों को अपने पशुधन को छोड़ने पर मजबूर किया, कई जानवर डूब गए या रोगों से प्रभावित हुए।
गाय‑बकरी के नुकसान से तुरंत आर्थिक प्रभाव पड़ता है। बिन गायों के किसान दैनिक आय नहीं कमा पाते, और बकरियों के बिना उनका बीमा‑जैसा सुरक्षा जाल भी टूट जाता है। स्थानीय कृषि विभाग ने आपातकालीन सहायता और पशु चिकित्सा समर्थन की मांग में तीव्र वृद्धि दर्ज की है।
प्राधिकरण ने फँसे हुए पशुओं को बचाने और अस्थायी आश्रय देने के लिए राहत टीमें तैनात की हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक पुनरुद्धार के लिए चारे की आपूर्ति, पशु चिकित्सा देखभाल और ऋण सुविधाओं सहित समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। यह घटना जलवायु‑प्रेरित आपदाओं के सामने कृषि समुदाय की संवेदनशीलता को उजागर करती है।
गाय‑बकरी के नुकसान से तुरंत आर्थिक प्रभाव पड़ता है। बिन गायों के किसान दैनिक आय नहीं कमा पाते, और बकरियों के बिना उनका बीमा‑जैसा सुरक्षा जाल भी टूट जाता है। स्थानीय कृषि विभाग ने आपातकालीन सहायता और पशु चिकित्सा समर्थन की मांग में तीव्र वृद्धि दर्ज की है।
प्राधिकरण ने फँसे हुए पशुओं को बचाने और अस्थायी आश्रय देने के लिए राहत टीमें तैनात की हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक पुनरुद्धार के लिए चारे की आपूर्ति, पशु चिकित्सा देखभाल और ऋण सुविधाओं सहित समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। यह घटना जलवायु‑प्रेरित आपदाओं के सामने कृषि समुदाय की संवेदनशीलता को उजागर करती है।