📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Statistics and Programme Implementatio
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FKJGP ने मेघालय सरकार से NEIGRIHMS नर्सिंग भर्ती में 80% महिला कोटा लागू करने का आग्रह किया
✍️ Hub News
🗓 29 अक्टू. 2026, 02:34 AM
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FKJGP ने मेघालय सरकार से NEIGRIHMS की नर्सिंग भर्ती में 80:20 महिला‑पुरुष अनुपात अपनाने की मांग की है।
फेडरेशन ऑफ़ खासी और जैंटिया ग्रुप्स (FKJGP) ने मेघालय सरकार से अनुरोध किया है कि वह नॉर्थ ईस्टर्न इंदिरा गांधी रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ एंड मेडिकल साइंसेज़ (NEIGRIHMS) में अगली नर्सिंग भर्ती के लिए 80:20 महिला‑पुरुष अनुपात लागू करे। यह अपील शिलॉन्ग में स्थित संस्थान के विभिन्न कैंपसों में कई नर्सिंग पदों को भरने की तैयारी के बीच दी गई है।
FKJGP का मानना है कि नर्सिंग एक पारंपरिक रूप से महिला‑प्रधान पेशा है और इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा। समूह ने बताया कि पिछले भर्ती दौरों में लिंग संतुलन लगातार नहीं बना पाया, इसलिए अब स्पष्ट कोटा की मांग की जा रही है।
मेघालय सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अधिकारियों ने कहा कि यह अनुरोध मौजूदा आरक्षण नीतियों और संस्थान की स्टाफिंग जरूरतों के संदर्भ में समीक्षा किया जाएगा। यदि लागू हुआ, तो 80% महिला लक्ष्य क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यबल में महिलाओं के रोजगार अवसरों को काफी बढ़ा सकता है।
विभिन्न हितधारकों का कहना है कि लिंग‑संतुलित नर्सिंग स्टाफ रोगी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है, क्योंकि महिला नर्सों की संवाद क्षमता और सहानुभूति अक्सर अधिक मानी जाती है। भर्ती प्रक्रिया इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है, बशर्ते प्रस्तावित अनुपात को अंतिम मंजूरी मिल जाए।
FKJGP का मानना है कि नर्सिंग एक पारंपरिक रूप से महिला‑प्रधान पेशा है और इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा। समूह ने बताया कि पिछले भर्ती दौरों में लिंग संतुलन लगातार नहीं बना पाया, इसलिए अब स्पष्ट कोटा की मांग की जा रही है।
मेघालय सरकार ने अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, पर अधिकारियों ने कहा कि यह अनुरोध मौजूदा आरक्षण नीतियों और संस्थान की स्टाफिंग जरूरतों के संदर्भ में समीक्षा किया जाएगा। यदि लागू हुआ, तो 80% महिला लक्ष्य क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यबल में महिलाओं के रोजगार अवसरों को काफी बढ़ा सकता है।
विभिन्न हितधारकों का कहना है कि लिंग‑संतुलित नर्सिंग स्टाफ रोगी देखभाल की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है, क्योंकि महिला नर्सों की संवाद क्षमता और सहानुभूति अक्सर अधिक मानी जाती है। भर्ती प्रक्रिया इस वर्ष के अंत में शुरू होने की संभावना है, बशर्ते प्रस्तावित अनुपात को अंतिम मंजूरी मिल जाए।