📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Rosehubwiki, Kuber Patel
राजनीति
सिंगरौली में दमकल वाहन से विधायक की कार धोने का आरोप, विवाद में बढ़ोतरी
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 26 अग. 2026, 02:44 PM
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सिंगरौली में विधायक की कार को दमकल वाहन से धोते हुए दिखाया गया वीडियो सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का आरोप लगा रहा है, विधायक ने कहा कि वाहन बंगलो की टंकी भरने आया था।
सिंगरौली में एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दमकल वाहन विधायक की कार को धोते हुए दिखाया गया है। इस दृश्य ने जनता में गुस्सा पैदा कर दिया और सरकारी संसाधनों के निजी उपयोग पर सवाल उठाए।
विपक्षी नेता और नागरिक अब जांच की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि दमकल विभाग का मुख्य कार्य आग बुझाना और आपातकालीन सहायता प्रदान करना है, निजी काम नहीं। यह मामला मध्य प्रदेश में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के व्यापक मुद्दे को फिर से उजागर करता है।
वीडियो में दिखाए गए विधायक ने कहा कि दमकल वाहन उनके बंगले की टंकी में पानी भरने आया था, कार धोने के लिए नहीं। उन्होंने बताया कि यह कार्य जल आपूर्ति से संबंधित एक वैध कार्य था।
स्थानीय प्राधिकरणों ने कहा है कि वे वीडियो और विधायक के बयान की जांच करेंगे ताकि यह पता चल सके कि कोई प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस बीच, यह घटना सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग पर चर्चा को और तेज कर रही है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि आपातकालीन सेवाओं को गैर‑आपातकालीन कार्यों के लिए उपयोग करना कितना संवेदनशील मुद्दा है, विशेषकर ऐसे राज्य में जहाँ संसाधन आवंटन को जनता और मीडिया दोनों बारीकी से देख रहे हैं।
विपक्षी नेता और नागरिक अब जांच की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि दमकल विभाग का मुख्य कार्य आग बुझाना और आपातकालीन सहायता प्रदान करना है, निजी काम नहीं। यह मामला मध्य प्रदेश में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग के व्यापक मुद्दे को फिर से उजागर करता है।
वीडियो में दिखाए गए विधायक ने कहा कि दमकल वाहन उनके बंगले की टंकी में पानी भरने आया था, कार धोने के लिए नहीं। उन्होंने बताया कि यह कार्य जल आपूर्ति से संबंधित एक वैध कार्य था।
स्थानीय प्राधिकरणों ने कहा है कि वे वीडियो और विधायक के बयान की जांच करेंगे ताकि यह पता चल सके कि कोई प्रक्रिया संबंधी उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस बीच, यह घटना सार्वजनिक संसाधनों के दुरुपयोग पर चर्चा को और तेज कर रही है।
यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि आपातकालीन सेवाओं को गैर‑आपातकालीन कार्यों के लिए उपयोग करना कितना संवेदनशील मुद्दा है, विशेषकर ऐसे राज्य में जहाँ संसाधन आवंटन को जनता और मीडिया दोनों बारीकी से देख रहे हैं।