📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
राजनीति
अंकिता भंडारी मामले में सिखिम गवर्नर विरोध पर पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत के खिलाफ FIR दर्ज
✍️ The Indian Express
🗓 17 अक्टू. 2026, 05:01 AM
👁 15
अंकिता भंडारी मामले से जुड़ी सिखिम गवर्नर विरोध में पूर्व उत्तराखंड सीएम हरिश रावत के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है, जो सिखिम के गवर्नर के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन से जुड़ी है। यह विरोध अंकिता भंडारी मामले के संदर्भ में किया गया था, जिसने कई राज्यों में सार्वजनिक ध्यान आकर्षित किया है।
दायर की गई रिपोर्ट के अनुसार, रावत की भागीदारी और भीड़ को उकसाने के आरोपों के तहत कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया माना गया है, जिससे अधिकारियों ने औपचारिक कार्रवाई की। FIR में उनके प्रदर्शन में भाग लेने और भीड़ को प्रोत्साहित करने को मुख्य कारण बताया गया है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने जांच के आगे के विवरण नहीं बताए, पर यह पुष्टि की कि मामला सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। यह विकास अंकिता भंडारी मामले को नई जटिलता प्रदान करता है, जिसे राजनीतिक और कानूनी विश्लेषकों द्वारा नज़र में रखा जा रहा है।
हरिश रावत, जिन्होंने 2012 से 2017 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, पहले भी विभिन्न राजनीतिक विवादों में शामिल रहे हैं, पर यह सिखिम गवर्नर विरोध के संबंध में उनके खिलाफ पहली आपराधिक शिकायत है।
यह घटना उच्च प्रोफ़ाइल कानूनी मामलों से जुड़ी राजनीतिक कार्रवाइयों की कड़ी निगरानी को उजागर करती है और क्षेत्रीय चुनावी गतिशीलता पर संभावित प्रभाव डाल सकती है।
दायर की गई रिपोर्ट के अनुसार, रावत की भागीदारी और भीड़ को उकसाने के आरोपों के तहत कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया माना गया है, जिससे अधिकारियों ने औपचारिक कार्रवाई की। FIR में उनके प्रदर्शन में भाग लेने और भीड़ को प्रोत्साहित करने को मुख्य कारण बताया गया है।
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने जांच के आगे के विवरण नहीं बताए, पर यह पुष्टि की कि मामला सामान्य कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। यह विकास अंकिता भंडारी मामले को नई जटिलता प्रदान करता है, जिसे राजनीतिक और कानूनी विश्लेषकों द्वारा नज़र में रखा जा रहा है।
हरिश रावत, जिन्होंने 2012 से 2017 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया, पहले भी विभिन्न राजनीतिक विवादों में शामिल रहे हैं, पर यह सिखिम गवर्नर विरोध के संबंध में उनके खिलाफ पहली आपराधिक शिकायत है।
यह घटना उच्च प्रोफ़ाइल कानूनी मामलों से जुड़ी राजनीतिक कार्रवाइयों की कड़ी निगरानी को उजागर करती है और क्षेत्रीय चुनावी गतिशीलता पर संभावित प्रभाव डाल सकती है।