📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Aquintero82
बिज़नेस
फ़िनलैंड ने 100 से अधिक कंपनियों के साथ भारत में सर्कुलर इकोनॉमी सहयोग को गहरा करने की पहल की
✍️ ANI News
🗓 22 अग. 2026, 10:13 AM
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फ़िनलैंड ने भारत के साथ सर्कुलर इकोनॉमी सहयोग को मजबूत करने की बात कही, जहाँ 100 से अधिक फ़िनिश कंपनियां कचरा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।
हेलसिंकी के व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय अधिकारियों को बताया कि फ़िनलैंड सर्कुलर इकोनॉमी पहल में सहयोग को गहरा करना चाहता है, और भारत में 100 से अधिक फ़िनिश कंपनियों की सक्रियता को उजागर किया। ये कंपनियां कचरा रीसाइक्लिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत पैकेजिंग और जल शोधन जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जो संसाधन‑कुशल समाधान की बढ़ती मांग को दर्शाती हैं।
फ़िनिश अधिकारियों ने कहा कि गहरा सहयोग दोनों देशों को जलवायु लक्ष्य हासिल करने और नए बाजार अवसर पैदा करने में मदद कर सकता है। उन्होंने संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और निवेश मंचों का प्रस्ताव रखा ताकि भारतीय विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे में सर्कुलर प्रथाओं को तेज़ी से अपनाया जा सके।
भारत ने इस पहल का स्वागत किया, यह संकेत देते हुए कि सरकार विदेशी विशेषज्ञता को आकर्षित करने के लिए तत्पर है, जो उसके सर्कुलर इकोनॉमी रोडमैप को सुदृढ़ कर सके। द्विपक्षीय व्यापार मंच और क्षेत्र‑विशिष्ट कार्यशालाओं के माध्यम से इस संवाद को आगे बढ़ाने की योजना है।
यदि यह साझेदारी गति पकड़ती है, तो विश्लेषकों का मानना है कि फ़िनिश निवेश भारतीय ग्रीन‑टेक स्टार्टअप्स में बढ़ेगा और रीसाइक्लिंग व संसाधन पुनर्प्राप्ति को समर्थन देने वाली स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
फ़िनिश अधिकारियों ने कहा कि गहरा सहयोग दोनों देशों को जलवायु लक्ष्य हासिल करने और नए बाजार अवसर पैदा करने में मदद कर सकता है। उन्होंने संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और निवेश मंचों का प्रस्ताव रखा ताकि भारतीय विनिर्माण और शहरी बुनियादी ढांचे में सर्कुलर प्रथाओं को तेज़ी से अपनाया जा सके।
भारत ने इस पहल का स्वागत किया, यह संकेत देते हुए कि सरकार विदेशी विशेषज्ञता को आकर्षित करने के लिए तत्पर है, जो उसके सर्कुलर इकोनॉमी रोडमैप को सुदृढ़ कर सके। द्विपक्षीय व्यापार मंच और क्षेत्र‑विशिष्ट कार्यशालाओं के माध्यम से इस संवाद को आगे बढ़ाने की योजना है।
यदि यह साझेदारी गति पकड़ती है, तो विश्लेषकों का मानना है कि फ़िनिश निवेश भारतीय ग्रीन‑टेक स्टार्टअप्स में बढ़ेगा और रीसाइक्लिंग व संसाधन पुनर्प्राप्ति को समर्थन देने वाली स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।