📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sureshsharmaptv63
मनोरंजन
फिल्मकार नीरज घायवान ने 'तेरे इश्क में' की हिंसा की आलोचना की
✍️ News18
🗓 27 जून 2026, 11:02 PM
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फिल्मकार नीरज घायवान ने 'तेरे इश्क में' श्रृंखला में दिखाई गई हिंसा पर कड़ी आपत्ति जताई है, इसे 'बदसूरत' और अविवेकी बताया है।
फिल्मकार नीरज घायवान ने 'तेरे इश्क में' नामक श्रृंखला में दर्शाई गई हिंसा पर कड़ी आपत्ति जताई है। घायवान ने इस चित्रण की निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल भद्दा है, बल्कि इसमें कोई बुद्धिमत्तापूर्ण या आकर्षक कथात्मक औचित्य भी नहीं है।
घायवान के अनुसार, श्रृंखला में हिंसा का चित्रण केवल सनसनी फैलाने से कहीं अधिक है, जिसे उन्होंने "बदसूरत" बताया है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी सामग्री किसी भी सार्थक कलात्मक उद्देश्य को पूरा नहीं करती है और कहानी कहने की समग्र गुणवत्ता को कम करती है। फिल्मकार की टिप्पणियां दृश्य माध्यमों में हिंसा के अनावश्यक उपयोग के बारे में चिंता को उजागर करती हैं।
घायवान की आलोचना श्रृंखला के हिंसक दृश्यों में स्मार्ट या सूक्ष्म निष्पादन की कथित अनुपस्थिति की ओर इशारा करती है। उनके बयान से यह विश्वास झलकता है कि प्रभावी कहानी कहने को क्रूरता के ऐसे स्पष्ट और प्रेरणाहीन प्रदर्शनों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। फिल्मकार की स्पष्ट राय मनोरंजन में हिंसा के चित्रण पर चल रही चर्चा में एक नया आयाम जोड़ती है।
घायवान के अनुसार, श्रृंखला में हिंसा का चित्रण केवल सनसनी फैलाने से कहीं अधिक है, जिसे उन्होंने "बदसूरत" बताया है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी सामग्री किसी भी सार्थक कलात्मक उद्देश्य को पूरा नहीं करती है और कहानी कहने की समग्र गुणवत्ता को कम करती है। फिल्मकार की टिप्पणियां दृश्य माध्यमों में हिंसा के अनावश्यक उपयोग के बारे में चिंता को उजागर करती हैं।
घायवान की आलोचना श्रृंखला के हिंसक दृश्यों में स्मार्ट या सूक्ष्म निष्पादन की कथित अनुपस्थिति की ओर इशारा करती है। उनके बयान से यह विश्वास झलकता है कि प्रभावी कहानी कहने को क्रूरता के ऐसे स्पष्ट और प्रेरणाहीन प्रदर्शनों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। फिल्मकार की स्पष्ट राय मनोरंजन में हिंसा के चित्रण पर चल रही चर्चा में एक नया आयाम जोड़ती है।