📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / LRBurdak
स्थानीय
गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में मादा चीता CCB‑2 का 20 सितंबर को रिहाई
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 19 सित. 2026, 08:31 PM
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बोट्सवाना से लाए गए मादा चीता CCB‑2 को 20 सितंबर को मध्य प्रदेश के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा जाएगा, जिससे कूनो से आगे चीता परियोजना का विस्तार होगा।
मध्य प्रदेश वन विभाग कूनो अभयारण्य से आगे अपने चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम का विस्तार कर रहा है। 20 सितंबर को बोट्सवाना से लाए गए मादा चीता CCB‑2 को गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा जाएगा, जो चंबल नदी के किनारे स्थित है।
CCB‑2 उन सीमित संख्या में अफ्रीकी चीता में से एक है, जिन्हें भारत में लगभग सात दशकों से गायब प्रजाति को फिर से स्थापित करने के लिए आयात किया गया है। यह पशु इस वर्ष भारत आया और अभयारण्य में स्थानांतरित करने से पहले स्वास्थ्य जांच व अभ्यस्त करने की प्रक्रिया से गुजरा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कूनो के साथ एक दूसरा मजबूत केंद्र बनाने में मदद करेगा। गांधी सागर में सफल अनुकूलन से भविष्य में अतिरिक्त चीते जारी करने की संभावना बढ़ेगी, जिससे मध्य भारत में स्थायी चीता जनसंख्या स्थापित करने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा।
CCB‑2 उन सीमित संख्या में अफ्रीकी चीता में से एक है, जिन्हें भारत में लगभग सात दशकों से गायब प्रजाति को फिर से स्थापित करने के लिए आयात किया गया है। यह पशु इस वर्ष भारत आया और अभयारण्य में स्थानांतरित करने से पहले स्वास्थ्य जांच व अभ्यस्त करने की प्रक्रिया से गुजरा है।
अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कूनो के साथ एक दूसरा मजबूत केंद्र बनाने में मदद करेगा। गांधी सागर में सफल अनुकूलन से भविष्य में अतिरिक्त चीते जारी करने की संभावना बढ़ेगी, जिससे मध्य भारत में स्थायी चीता जनसंख्या स्थापित करने का लक्ष्य हासिल हो सकेगा।