📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Information and Broadcasting
बिज़नेस
एफडीए ने सुट्टे तेल की बिक्री पर होलसेल कार्रवाई की चेतावनी, तुकाराम मुंडे ने कहा
✍️ News18 Marathi
🗓 24 अग. 2026, 12:32 PM
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फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने सुट्टे तेल की बिक्री करने वाले व्यापारियों पर होलसेल दंड की चेतावनी दी, यह बात तुकाराम मुंडे ने कही।
फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने चेतावनी जारी की है कि "सुट्टे तेल" की बिक्री करने वाले किसी भी थोक व्यापारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह तेल वह है जो उचित प्रमाणन या गुणवत्ता जाँच के बिना संग्रहित रहता है, जिससे उपभोक्ताओं और आपूर्ति श्रृंखला दोनों को जोखिम हो सकता है।
विशेष रिपोर्ट में तुकाराम मुंडे ने कहा कि इस प्रथा को रोकने और बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियामक सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने सभी वैध व्यापारियों से अनुरोध किया कि वे मौजूदा गुणवत्ता मानकों का पालन करें, अन्यथा फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत दंडित होंगे।
एफडीए ने राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को थोक बाजारों की कड़ी निगरानी करने और किसी भी अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे उचित दस्तावेज़ीकरण रखें और माल भेजने से पहले नमूने परीक्षण के लिए प्रस्तुत करें।
यह कदम तब आया है जब बाजार में मिलावट या घटिया तेल के प्रसार को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता भरोसे को लेकर चिंता बढ़ रही थी। अधिकारियों का मानना है कि नई प्रवर्तन नीति अवैध बिक्री को रोकने और केवल प्रमाणित तेल को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने में मदद करेगी।
तेल व्यापार के सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे निरीक्षण टीमों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें। एफडीए निकट भविष्य में अनुपालन प्रक्रियाओं पर अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी करेगा।
विशेष रिपोर्ट में तुकाराम मुंडे ने कहा कि इस प्रथा को रोकने और बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियामक सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने सभी वैध व्यापारियों से अनुरोध किया कि वे मौजूदा गुणवत्ता मानकों का पालन करें, अन्यथा फ़ूड सेफ़्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट के तहत दंडित होंगे।
एफडीए ने राज्य खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को थोक बाजारों की कड़ी निगरानी करने और किसी भी अनियमितता की सूचना मिलने पर तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। व्यापारियों को सलाह दी गई है कि वे उचित दस्तावेज़ीकरण रखें और माल भेजने से पहले नमूने परीक्षण के लिए प्रस्तुत करें।
यह कदम तब आया है जब बाजार में मिलावट या घटिया तेल के प्रसार को लेकर सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता भरोसे को लेकर चिंता बढ़ रही थी। अधिकारियों का मानना है कि नई प्रवर्तन नीति अवैध बिक्री को रोकने और केवल प्रमाणित तेल को उपभोक्ताओं तक पहुँचाने में मदद करेगी।
तेल व्यापार के सभी हितधारकों से अनुरोध है कि वे निरीक्षण टीमों के साथ सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दें। एफडीए निकट भविष्य में अनुपालन प्रक्रियाओं पर अतिरिक्त दिशानिर्देश जारी करेगा।