Agriculture
फार्म पॉन्ड से किसानों को मिली सिंचाई की सुविधा, प्रमोद रायंगौड़ा हल्लियाल की पहल बनी मिसाल
कर्नाटक के कोप्पल जिले में एक किसान द्वारा खेत में फार्म पॉन्ड का निर्माण वर्षा जल संरक्षण और सिंचाई की समस्या का समाधान साबित हुआ है। इस पहल से स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी मिला है।
कर्नाटक के कोप्पल जिले के कुकनूर तालुक के इटागी गाँव के किसान श्री प्रमोद रायंगौड़ा हल्लियाल ने वर्षा जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने अपने खेत में फार्म पॉन्ड का निर्माण करवाया है, जो कम जल उपलब्धता और बिजली की अनियमित आपूर्ति जैसी सिंचाई संबंधी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है।
श्री हल्लियाल की चार एकड़ कृषि भूमि है, लेकिन पारंपरिक सिंचाई के साधनों की कमी के कारण उन्हें अपनी फसलों को लेकर हमेशा चिंता रहती थी। विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत निर्मित इस फार्म पॉन्ड में हालिया बारिश के बाद लगभग 2.50 लाख लीटर पानी जमा हुआ है। यह जल संचय किसानों की फसल सुरक्षा और आय को संबल प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
इस फार्म पॉन्ड के निर्माण कार्य से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 283 मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
श्री हल्लियाल की चार एकड़ कृषि भूमि है, लेकिन पारंपरिक सिंचाई के साधनों की कमी के कारण उन्हें अपनी फसलों को लेकर हमेशा चिंता रहती थी। विकसित भारत–जी राम जी योजना के अंतर्गत निर्मित इस फार्म पॉन्ड में हालिया बारिश के बाद लगभग 2.50 लाख लीटर पानी जमा हुआ है। यह जल संचय किसानों की फसल सुरक्षा और आय को संबल प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
इस फार्म पॉन्ड के निर्माण कार्य से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। इस परियोजना के माध्यम से लगभग 283 मानव दिवस का रोजगार प्रदान किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।