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03 Nov 2026•
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फरक्का जलसंधि जदयू का नीतीश संवाद

✍️ Reporter: Awanish Kumar 🗓 03 Nov 2026, 06:33 PM 👁 17
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फरक्का जलसंधि पर जदयू का नीतीश संवाद पार्टीके राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा बोले बिहार के हितों कि बलि देकर हुआ समझौता

भागलपुर से अवनीश कुमार कि रिपोर्ट
फरक्का जलसंधि पर JDU का नीतीश संवाद, संजय झा बोले बिहार के हितों की बलि देकर हुआ समझौता

फरक्का बराज तोड़ना है तो तोड़ दीजिए, लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए संजय झा

बिहार में फरक्का जलसंधि के मुद्दे को लेकर सियासत तेज हो गई है। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों में नीतीश संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गंगा किनारे बसे बिहार के 12 जिलों में हो रहे इस संवाद के जरिए फरक्का जलसंधि से होने वाले नुकसान और बिहार के हितों पर चर्चा की जा रही है।

इसी कड़ी में आज भागलपुर के टाउन हॉल में नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के साथ प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भागलपुर जेडीयू की ओर से अतिथियों का जोरदार स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान संजय झा ने फरक्का जलसंधि के बिहार पर पड़ने वाले प्रभावों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि फरक्का बराज के कारण गंगा नदी में बड़े पैमाने पर गाद जमा हो रही है, जिससे नदी का तल ऊंचा हो गया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा उत्पन्न होने के कारण बिहार के कई इलाकों में मानसून के दौरान भीषण बाढ़ की समस्या बढ़ रही है।

संजय झा ने आरोप लगाया कि फरक्का जलसंधि के दौरान तत्कालीन केंद्र सरकार और बिहार के नेतृत्व ने राज्य के हितों की अनदेखी की। उन्होंने कहा कि इस समझौते के कारण आज बिहार को गंगा और उसकी सहायक नदियों का पानी फरक्का बराज पर देना पड़ रहा है, जिसका खामियाजा राज्य की जनता को भुगतना पड़ रहा है।

फरक्का जलसंधि को लेकर संजय झा ने स्पष्ट कहा कि यह समझौता बिहार के हित में नहीं है और इसका नवीनीकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि यदि भविष्य में कोई नया समझौता होता है, तो उसमें बिहार की वर्ष 2050 तक की जल आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जाए।

संजय झा ने फरक्का बराज को लेकर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर इसे तोड़ना है तो तोड़ दीजिए, लेकिन इसका नवीनीकरण नहीं किया जाना चाहिए। जेडीयू का कहना है कि फरक्का जलसंधि के मुद्दे पर बिहार के हितों की रक्षा के लिए व्यापक संवाद और ठोस निर्णय जरूरी है।

बाइट संजय झा, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, JDU
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