📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
मनोरंजन
फाल्गुनी पाठक ने गरबा को एकता और संगीत का प्रतीक कहा
✍️ The Assam Tribune
🗓 25 सित. 2026, 03:37 AM
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प्रसिद्ध गायिका‑गीतकार फाल्गुनी पाठक ने कहा कि गरबा एकता और संगीत का जश्न है, जो इसकी सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाता है।
प्रसिद्ध भारतीय कलाकार फाल्गुनी पाठक ने द असम ट्रिब्यून को बताया कि गरबा का मूल सार लोगों को ताल और गीत के माध्यम से एक साथ लाने में है। उन्होंने इस लोकनृत्य को एक सामूहिक उत्सव बताया जहाँ भाग लेने वाले खुशी, सांस्कृतिक गर्व और सामुदायिक भावना साझा करते हैं।
नवरात्रि के मौसम से पहले बात करते हुए पाठक ने कहा कि गरबा की दोहरावदार धुनें और समन्वित कदम सभी आयु, भाषा और क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर एक साझा अनुभव बनाते हैं। उनके अनुसार, इस नृत्य की समावेशी प्रकृति सामाजिक बंधनों को मजबूत करती है और पारंपरिक संगीत को संरक्षित रखती है।
पाठक के इस बयान के साथ देश भर में गरबा महोत्सव बड़े भीड़ के लिए तैयार हो रहे हैं, जहाँ आयोजक सुरक्षा उपायों और सांस्कृतिक प्रामाणिकता पर ज़ोर दे रहे हैं। कलाकार की इस सराहना ने समकालीन समय में भारत की अमूर्त विरासत को संरक्षित करने के संवाद को और महत्व दिया है।
नवरात्रि के मौसम से पहले बात करते हुए पाठक ने कहा कि गरबा की दोहरावदार धुनें और समन्वित कदम सभी आयु, भाषा और क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर एक साझा अनुभव बनाते हैं। उनके अनुसार, इस नृत्य की समावेशी प्रकृति सामाजिक बंधनों को मजबूत करती है और पारंपरिक संगीत को संरक्षित रखती है।
पाठक के इस बयान के साथ देश भर में गरबा महोत्सव बड़े भीड़ के लिए तैयार हो रहे हैं, जहाँ आयोजक सुरक्षा उपायों और सांस्कृतिक प्रामाणिकता पर ज़ोर दे रहे हैं। कलाकार की इस सराहना ने समकालीन समय में भारत की अमूर्त विरासत को संरक्षित करने के संवाद को और महत्व दिया है।