📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Arjuncm3
अपराध
डिल्ली पुलिस के नाम पर X को भेजा गया फर्जी नोटिस, अधिकारी चेतावनी जारी
✍️ Amar Ujala · Delhi
🗓 06 नव. 2026, 06:32 PM
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डिल्ली पुलिस के नाम पर एक फर्जी नोटिस X को भेजा गया, जिससे पुलिस ने अपना नाम हटाते हुए जनता को इस तरह के घोटालों से सावधान रहने की सलाह दी।
डिल्ली पुलिस ने हाल ही में X को भेजे गए एक नोटिस को अपने नाम से जुड़ा होने का खंडन किया है। यह दस्तावेज़, जो आधिकारिक फॉर्मेट की नकल करता है, को पुलिस के साइबर सेल ने नकली बताया और इसकी उत्पत्ति की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नोटिस में भ्रामक भाषा और झूठे दावे हैं, जो प्राप्तकर्ता से व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी निकालने के उद्देश्य से हो सकते हैं। अधिकारियों ने सभी को किसी भी पुलिस-संबंधी संचार की प्रामाणिकता की पुष्टि करने की सलाह दी है, इससे पहले कि वे कोई कदम उठाएँ।
यह घटना उन धोखाधड़ी वाले संचारों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है, जिनमें पुलिस एजेंसियों की विश्वसनीयता का दुरुपयोग किया जाता है। साइबर सेल अन्य कानून प्रवर्तन निकायों के साथ मिलकर इस फर्जी नोटिस के स्रोत को खोजने और आगे के प्रसार को रोकने के लिए काम कर रहा है।
ऐसे किसी भी संदेहास्पद नोटिस को प्राप्त करने वाले नागरिकों को तुरंत डिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करने और दस्तावेज़ की प्रतिलिपि प्रदान करने का निर्देश दिया गया है, ताकि फॉरेंसिक जांच की जा सके। जांच के आगे के परिणामों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नोटिस में भ्रामक भाषा और झूठे दावे हैं, जो प्राप्तकर्ता से व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी निकालने के उद्देश्य से हो सकते हैं। अधिकारियों ने सभी को किसी भी पुलिस-संबंधी संचार की प्रामाणिकता की पुष्टि करने की सलाह दी है, इससे पहले कि वे कोई कदम उठाएँ।
यह घटना उन धोखाधड़ी वाले संचारों की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है, जिनमें पुलिस एजेंसियों की विश्वसनीयता का दुरुपयोग किया जाता है। साइबर सेल अन्य कानून प्रवर्तन निकायों के साथ मिलकर इस फर्जी नोटिस के स्रोत को खोजने और आगे के प्रसार को रोकने के लिए काम कर रहा है।
ऐसे किसी भी संदेहास्पद नोटिस को प्राप्त करने वाले नागरिकों को तुरंत डिल्ली पुलिस के साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करने और दस्तावेज़ की प्रतिलिपि प्रदान करने का निर्देश दिया गया है, ताकि फॉरेंसिक जांच की जा सके। जांच के आगे के परिणामों की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।